देशनई दिल्ली

मजबूत अर्थव्यवस्था के दम पर दुनिया की उम्मीद बना भारत: प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली (विश्व परिवार)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को बजट के बाद ‘सस्टेनिंग एंड स्ट्रेंथनिंग इकोनॉमिक ग्रोथ’ विषय पर आयोजित वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि भारत अपनी मजबूत अर्थव्यवस्था के कारण विश्व के लिए आशा की किरण बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि तेज आर्थिक विकास विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने का मजबूत आधार है।
बजट वेबिनार सीरीज को मिला सकारात्मक प्रतिसाद
प्रधानमंत्री ने कहा कि गत सप्ताह बजट वेबिनार सीरीज के पहले सत्र का आयोजन हुआ था, जिसे काफी सफलता मिली। बजट प्रावधानों के प्रभावी कार्यान्वयन को लेकर प्रतिभागियों ने उपयोगी और रचनात्मक सुझाव दिए। उन्होंने सभी की सक्रिय भागीदारी का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि सीरीज के दूसरे वेबिनार में हजारों लोग विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव देने के लिए जुड़े हैं। विषय विशेषज्ञों की बड़ी भागीदारी को उन्होंने एक सफल और सार्थक प्रयोग बताया।
आर्थिक विकास को निरंतर मजबूती देने पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि वेबिनार की थीम देश की आर्थिक वृद्धि को निरंतर मजबूती देने से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि आज जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं रीशेप हो रही हैं और दुनिया नए साझेदारों की तलाश में है, ऐसे समय में भारत के लिए यह बड़ा अवसर है। उन्होंने दोहराया कि भारत अपनी मजबूत अर्थव्यवस्था के कारण वैश्विक उम्मीद का केंद्र बन रहा है और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में तीव्र आर्थिक विकास की महत्वपूर्ण भूमिका है।
‘मेक मोर, कनेक्ट मोर, एक्सपोर्ट मोर’ का मंत्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की दिशा और संकल्प दोनों स्पष्ट हैं-अधिक निर्माण करें, अधिक उत्पादन करें, अधिक कनेक्ट करें और अधिक निर्यात करें। उन्होंने कहा कि यह समय भारत के लिए अपने विनिर्माण और निर्यात क्षमता को नई ऊंचाई देने का है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया विश्वसनीय और लचीले विनिर्माण भागीदारों की तलाश में है और भारत के पास इस भूमिका को निभाने का मजबूत अवसर है।
गुणवत्ता पर समझौता नहीं
पीएम मोदी ने कहा कि आगे बढ़ने के इस दौर में देश का एक ही मंत्र होना चाहिए- गुणवत्ता, गुणवत्ता और गुणवत्ता। उन्होंने कहा कि भारत ने कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं, जिससे अवसरों के नए द्वार खुले हैं। ऐसे में यह देश की जिम्मेदारी है कि उत्पादों और सेवाओं की गुणवत्ता से कभी समझौता न किया जाए, ताकि भारत वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत और विश्वसनीय पहचान कायम रख सके।

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