रायपुर (विश्व परिवार)। छत्तीसगढ़ में उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ उद्यमिता विकास केंद्र द्वारा 05 दिवसीय प्रशिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत दो बैच संचालित किए गए – पहला बैच 28 मार्च 2025 को और दूसरा बैच 29 मार्च 2025 को कलिंगा विश्वविद्यालय, रायपुर में शुरू हुआ। प्रत्येक बैच में 30 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया, जिन्हें भविष्य में उद्यमिता प्रशिक्षण को नए स्तर पर ले जाने के लिए तैयार किया जा रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कलिंगा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर. श्रीधर ने उद्घाटन सत्र में उद्यमिता के महत्व पर प्रकाश डाला और हा कि वर्तमान समय में स्वरोज़गार और स्टार्टअप संस्कृति को सशक्त करने के लिए प्रशिक्षित ट्रेनर्स की अत्यधिक आवश्यकता है। उन्होंने इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को छत्तीसगढ़ के युवा और नवोदित उद्यमियों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
श्री मुकुल वेदी, भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (EDII), अहमदाबाद ने ट्रेनिंग कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की और प्रशिक्षार्थियों को बताया कि वे प्रशिक्षण के माध्यम से अपने ज्ञान को कैसे परिष्कृत कर सकते हैं और इसे समाज में प्रभावी रूप से लागू कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षकों का सही मार्गदर्शन उद्यमियों को न केवल सही दिशा में आगे बढ़ने में मदद करता है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी भी बनाता है।
कार्यक्रम के समन्वयक श्री सचिन पटेल, EDII अहमदाबाद ने कार्यक्रम की संरचना और उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण प्रतिभागियों को उद्यमिता की बारीकियों को समझने, व्यावसायिक योजना बनाने और वित्तीय प्रबंधन से लेकर डिजिटल मार्केटिंग तक के विभिन्न आयामों को आत्मसात करने का अवसर प्रदान करेगा।
इसके अतिरिक्त, अन्य विशेषज्ञ वक्ताओं ने भी इस दौरान अपने विचार साझा किए और प्रशिक्षार्थियों को प्रेरित किया। वक्ताओं ने आधुनिक व्यावसायिक वातावरण, स्टार्टअप इकोसिस्टम, वित्तीय प्रबंधन, विपणन रणनीतियों और डिजिटल प्लेटफार्मों के महत्व पर जोर दिया।
छत्तीसगढ़ में उद्यमिता को सशक्त बनाने की दिशा में यह कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण पहल है। छत्तीसगढ़ उद्यमिता विकास केंद्र वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़ सरकार और भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (EDII), अहमदाबाद की एक संयुक्त पहल है, जिसका उद्देश्य राज्य में उद्यमिता को बढ़ावा देना और नए उद्यमियों के लिए सशक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करना है। इस केंद्र का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों को स्वरोज़गार के लिए प्रेरित करना और उन्हें आवश्यक कौशल एवं संसाधन प्रदान करना है, जिससे वे न केवल अपना व्यवसाय स्थापित कर सकें, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर उत्पन्न कर सकें।
इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रशिक्षित ट्रेनर आगे चलकर प्रदेश में उद्यमिता विकास के दूत की भूमिका निभाएंगे और स्थानीय स्तर पर नवोदित उद्यमियों को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रगति में योगदान देगी, बल्कि स्वरोज़गार के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनने में भी सहायता करेगी।