रायपुर (विश्व परिवार)। कलिंगा विश्वविद्यालय, नया रायपुर, छत्तीसगढ़, भारत ने 02 अप्रैल 2026 को हेबेई इंटरनेशनल स्टडीज़ यूनिवर्सिटी, चीन के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक और शोध सहयोग को बढ़ावा देना है। यह उच्च शिक्षा में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
इस समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हेबेई इंटरनेशनल स्टडीज़ यूनिवर्सिटी, चीन के अकादमिक विशेषज्ञ सन जियानझोंग, अध्यक्ष एवं रेक्टर तथा कलिंगा विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. संदीप गांधी द्वारा किए गए, जिनकी उपस्थिति में डॉ. बेंदी अंजनेयुलु, उप डीन अकादमिक मामलों एवं डीन (प्रभारी), विज्ञान संकाय; डॉ. शिल्पी भट्टाचार्य, डीन, कला एवं मानविकी संकाय; डॉ. विनय चंद्र झा, डीन (प्रभारी), प्रौद्योगिकी संकाय; डॉ. रुपेश ठाकुर, विभागाध्यक्ष, जैव रसायन विभाग, विज्ञान संकाय; डॉ. ई. वी. राघव राव, विभागाध्यक्ष, सिविल इंजीनियरिंग विभाग, प्रौद्योगिकी संकाय; तथा डॉ. मनोज सिंह, विभागाध्यक्ष, प्राणीशास्त्र विभाग, विज्ञान संकाय उपस्थित थे।
हेबेई इंटरनेशनल स्टडीज़ यूनिवर्सिटी, चीन की ओर से यांग झेन, विदेशी मामलों के लिए अध्यक्ष के सहायक एवं उपाध्यक्ष; वांग ज़ेक्सियन, विश्वविद्यालय समिति के सदस्य एवं डीन, कंप्यूटर विज्ञान स्कूल; यिन शिया, निदेशक, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कार्यालय; गुओ ले, डीन, मेडिकल स्कूल; शिंग ज़ेक्सिन, डीन, अकादमिक मामलों, स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस; ली रूईसी, डीन, अकादमिक मामलों, इंग्लिश स्कूल; लियू यानझेन, डीन, स्कूल ऑफ साइबर सिक्योरिटी; तथा मा शिकी, डीन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्कूल उपस्थित रहे।
इन दोनों विश्वविद्यालयों के प्रतिष्ठित सदस्यों की उपस्थिति ने इस सहयोग के महत्व को रेखांकित किया और उच्च शिक्षा में शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने, नवाचार को प्रोत्साहित करने तथा वैश्विक साझेदारियों को सुदृढ़ करने की साझा प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित किया।
इस समझौते का उद्देश्य संयुक्त अनुसंधान पहलों को बढ़ावा देना, संकाय और छात्र विनिमय कार्यक्रमों को सुगम बनाना, शैक्षणिक सहयोग को प्रोत्साहित करना तथा ज्ञान और शैक्षणिक संसाधनों के आदान-प्रदान को सुनिश्चित करना है।
इस सहयोग के माध्यम से, दोनों संस्थान वैश्विक शैक्षणिक जुड़ाव को बढ़ाना चाहते हैं और संयुक्त सम्मेलनों, सेमिनारों, कार्यशालाओं तथा पाठ्यक्रम विकास जैसी सहयोगी गतिविधियों के लिए अवसर सृजित करने का प्रयास करेंगे।
यह समझौता ज्ञापन (MoU) उच्च शिक्षा में अंतरराष्ट्रीयकरण को बढ़ावा देने और वैश्विक शैक्षणिक नेटवर्क को सुदृढ़ करने के लिए दोनों विश्वविद्यालयों की साझा दृष्टि को दर्शाता है।






