रायपुर (विश्व परिवार)। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस एक बार फिर बड़े राजनीतिक आयोजन की तैयारी में जुटी है। मार्च के दूसरे सप्ताह में प्रस्तावित “मनरेगा बचाओ संग्राम” रैली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बताया कि पार्टी इस रैली को व्यापक स्तर पर आयोजित करने की योजना बना रही है, जिसमें दोनों शीर्ष नेताओं की उपस्थिति संभावित है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी प्रस्तावित है, जिसमें ओडिशा और झारखंड के 100 से अधिक जिलाध्यक्षों को शामिल किया जाएगा।
बैज ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में बिजली बिल हाफ योजना बंद कर दी गई है और बिजली दरों में कई बार वृद्धि की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्युत नियामक आयोग की जनसुनवाई इस बात का संकेत है कि सरकार एक बार फिर बिजली दर बढ़ाने की तैयारी में है।
राज्यसभा सीट को लेकर उन्होंने कहा कि उम्मीदवार का चयन पार्टी का विशेषाधिकार है और आवश्यकता पडऩे पर प्रदेश नेतृत्व अपनी राय देगा। वहीं सुप्रीम कोर्ट की ‘फ्रीबीज’ संबंधी टिप्पणी पर उन्होंने स्वागत करते हुए कहा कि चुनाव के दौरान विभिन्न राज्यों में दी जा रही आर्थिक सहायता की जांच होनी चाहिए।
आगामी 24 फरवरी को पेश होने वाले राज्य बजट को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। बैज ने कहा कि विधानसभा के भीतर और बाहर दोनों जगह कांग्रेस विपक्ष की भूमिका को मजबूती से निभाएगी।
इसके साथ ही उन्होंने मतदाता सूची को लेकर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं और चुनाव आयोग के दुरुपयोग की आशंका है।
कुल मिलाकर, आने वाले समय में छत्तीसगढ़ की राजनीति में कांग्रेस के कार्यक्रम और रणनीतियां नई हलचल पैदा कर सकती हैं।





