रायपुर : नगर पालिक निगम मुख्यालय में आज उस वक्त हंगामा मच गया जब कचना स्वास्तिक नगर के 200 से अधिक रहवासी पीने के पानी की समस्या को लेकर मटके लेकर पहुंच गए। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी के नेतृत्व में महिलाओं और छोटे बच्चों सहित पूरे परिवार ने निगम प्रशासन के खिलाफ ‘मटका फोड़’ प्रदर्शन किया। रहवासियों का आरोप है कि उन्हें विस्थापित तो कर दिया गया, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के नाम पर केवल आश्वासन मिले हैं। भीषण गर्मी की शुरुआत से पहले राजधानी के एक बड़े हिस्से में पानी का संकट गहराना निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है। कचना जैसे विस्थापित क्षेत्रों में टैंकरों पर निर्भरता कम कर स्थायी बोर की मांग पूरी न होना सीधे तौर पर सैकड़ों गरीब परिवारों के दैनिक जीवन और स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है।
विस्थापित परिवारों का फूटा गुस्सा, अधिकारियों को भेंट किया मटका
नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने निगम प्रशासन और महापौर पर निशाना साधते हुए कहा कि शहर को महानगर बनाने के दावे खोखले हैं जब जनता को पीने का पानी तक नसीब नहीं हो रहा। उन्होंने बताया कि 20 जनवरी को पहली बार इस समस्या को लेकर पत्राचार किया गया था, जिसके बाद केवल टैंकरों के फेरे बढ़ाए गए, लेकिन स्थायी समाधान (बोरिंग) नहीं किया गया।





