रायपुर (विश्व परिवार)। महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज, (मैक), रायपुर के शिक्षा विभाग द्वारा आज “मोर मयारू गुरु जी मैं तोर छाया हव” उद्देश्य से इस कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ। यह आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सहयोग से किया गया, जिसका उद्देश्य शिक्षकों एवं छात्र-छात्रों को बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता, संवेदनशीलता तथा सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास करना था। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. वर्णिका शर्मा (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग) एवं वक्ता के रूप में श्री प्रतीक खरे (सचिव, छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग) उपस्थित रहे।
चेयरमेन रमेश अग्रवाल, पूर्व चेयरमेन राजेश अग्रवाल, सेक्रेटरी श्रीमती सरिता अग्रवाल, प्राचार्य डॉ. जैस्मिन जोशी तथा उप-प्राचार्य डॉ. श्वेता तिवारी के मार्गदर्शन में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्राचार्य डॉ. जैस्मिन जोशी ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि आदर्श शिक्षक वही होता है जो विद्यार्थियों के प्रति स्नेह, समझ, धैर्य एवं मार्गदर्शन का भाव रखे और उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मुख्य अतिथि डॉ. वर्णिका शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक नैतिक कर्तव्य है, जिसमें शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे विद्यार्थियों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाएं और उनके सर्वांगीण विकास में सक्रिय योगदान दें।
वक्ता श्री प्रतीक खरे ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज के बदलते शैक्षणिक परिवेश में शिक्षक की भूमिका केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि उन्हें एक मार्गदर्शक एवं प्रेरक के रूप में भी कार्य करना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रत्येक बच्चे के अधिकारों का सम्मान करना और उन्हें सुरक्षित, सहयोगात्मक एवं सकारात्मक वातावरण प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है। शिक्षा में अवलोकन का विशेष महत्व है। साथ ही उन्होंने पुस्तकीय ज्ञान व विद्या में अंतर समझाते हुए कहा कि शिक्षक शिल्पकार है, गाइड है, ज्ञान का भंडार है, जहां से डॉक्टर, इंजीनियर जैसे शिल्पकारों की रचना होती है।
अंत में महाविद्यालय परिवार द्वारा सभी अतिथियों, आयोजकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी एवं शैक्षिक कार्यक्रमों के आयोजन की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। कार्यक्रम का सफल निर्देशन शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रूचि सचान एवं उनकी टीम द्वारा किया गया।





