धर्म

श्री आदिनाथ जयंती समारोह पर हुआ भगवान का महामस्तिष्काभिषेक

  • विश्व शांति के लिए भगवान आदिनाथ के सिद्धांतों की दुनिया को है आवश्यकता- विजय धुर्रा
  • जिले भर में मनाई गई भगवान आदिनाथ स्वामी की जन्म जयंती*
  • जिन शासन एकता संघ युग प्रवर्तक की जन्म जयंती मना रहा है- विपिन सिंघई
  • बेटीओ को शिक्षा दीक्षा देने राजा रिषभ देव आगे आये-डा हेमंत टडैया*

अशोक नगर (विश्व परिवार) युग के आदि में अषि मसि कृषि विद्या वाणिज्य शिल्प का उपदेश देने वाले जैन दर्शन के प्रथम तीर्थंकर इस धरती के पहले चक्रवर्ती सम्राट राजा रिषभ देव जिन्हें आदि ब्रह्माम आदिनाथ स्वामी के नाम से जाना गया कि जन्म जयंती श्री दिगम्बर जैन पंचायत कमेटी के तत्वावधान में जिनशासन एकता संघ के संयोजन में भक्ति भाव पूर्वक मनाया गया इस दौरान राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ द्वारा डॉक्टर्स वकील शिक्षाविदो प्रशासनिक अधिकारियों सभी धर्मों के आमंत्रित कर भगवान आदिनाथ जी का जन्म कल्याणक बहुत ही प्रभावना के साथ मनाया
समारोह के प्रारंभ में भगवान श्री आदिनाथ स्वामी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन जैन समाज अध्यक्ष राकेश कासंल महामंत्री राकेश अमरोद मंत्री विजय धुर्रा मंत्री शैलेन्द्र श्रागर जिन शासन एकता संघ के अध्यक्ष विपिन सिंघई हेमंत टडैया सहित अन्य प्रमुख जनो दारा किया गया
*विश्व युद्ध की राह पर खड़ी दुनिया को भगवान रिषभ देव के सिद्धांतों की जरूरत -विजय धुर्रा*
समारोह को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश महासभा संयोजक विजय धुर्रा ने कहा कि आज का पवित्र पावन दिन हमारे वर्तमान काल के प्रथम तीर्थंकर 1008 श्री आदिनाथ भगवान का जन्म एवं तप कल्याणक महोत्सव का है राजा रिषभ देव इस धरती के पहले सम्राट थे उन्होंने अषि मसि कृषि विद्या वाणिज्य शिल्प का उपदेश देकर मानवता की कड़ियों को फिर से एक सूत्र में बंधा आज उनके सिद्धांतों की विश्व को आवश्यकता है विश्व शांति के लिए राजा रिषभ देव के सिद्धांतों को अपनाने की जरूरत है
जिन शासन एकता संघ के अध्यक्ष विपिन सिंघई ने कहा कि हमारे जिले में भरपूर पूरा सम्पदा भरी पड़ी है दर्शन तीर्थ थूवोनजी चन्द्रेरी कदवया मियां दांत जहां भगवान रिषभ देव आदि नाथ की विशाल प्रतिमाए जगत को विश्व शांति का सन्देश दे रही है हम सब उनके उपदेश से अपने जीवन को धन्य बनाये
*नर से नारायण वनने की कठिन डगर को दिखाया राजारिषभदेवने-रधुवंशी*
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से दिनेश रघुवंशी ने कहा कि नर से नारायण वनने की कठिन डगर पर राजा रिषभ देव चले उनकी घनघोर तपस्या का वेदों में विशेष उल्लेख किया गया है उसी तपस्या के कठोर पथ पर हमारे आचार्य भगवंत विद्या सागर जी महाराज राष्ट्र संत श्री सुधासगार जी महाराज चल रहे हैं हमने उनकी कठिन साधना को नगर में देखा है उनके सान्निध्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का सतावदी समारोह इस गंज मैदान में मनाया गया जैन युवा वर्ग से डा हेमंत टडैया ने कहा कि राजा रिषभ देव नारी शिक्षा के प्रवल पक्षधर थे उन्होंने बेटियों की शिक्षा को अनिवार्य मानते हुए स्वयं राज्य व्यवस्था में व्यस्त रहते हुए भी ब्रह्ममी सुन्दरी को अंक अक्षर का ज्ञान कराया कर सभी कलाओं में पारंगत कराया हमें इस बात से शिक्षा लेना है कि हम ऐसे विद्यालयो में वच्चो को पड़ने भेजें जहां बेटा बेटियो के अलग बैठने की व्यवस्था हो चाहता है ऐसी शिक्षा का प्रसार करना है
*जैन समाज अध्यक्ष ने धन्यवाद कर किया बहुमान*
इस दौरान जैन समाज अध्यक्ष राकेश कासंल ने सभी महानुभावों को आदि ब्रह्म परमेश्वर श्री आदिनाथ भगवान के जन्म एवं तप कल्याणक महा महोत्सव की बहुत बहुत बधाइयां शुभकामनाएं देते हुए सभी आगंतुक अतिथियों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि आप सभी के प्रेरणा दायक विचार से हम अपने जीवन को और अधिक उन्नत बनायेंगे इस दौरान विश्व हिन्दू परिषद मध्य भारत के धर्म प्रमुख डॉ दीपक मिश्रा अशोक रधुवंशी रिषभ बाझल राकेश गुप्ता सहित सभी प्रमुख जनो का पंचायत कमेटी द्वारा बहुमान किया गया ।
*महा मस्तिष्काभिषेक के साथ जगत कल्याण की कामना से हुई शान्ति धारा*
इस दौरान जगत कल्याण की कामना के लिए महा शांति धारा की गई जिसका सौभाग्य दिनेश महिदपुर अभिजीत कुमार वरखेडा़ सुचितकुमार सचिन कुमार कासल रिषभकुमार बहादुरपुर राजीव कुमार जाट सतेन्द्र कुमार लोकेश कुमार पीरोट धर्मेन्द्र कुमार रोकड़िया सहित अन्य भक्तों को मिला इस दौरान आदिश्वर धाम सुभाष गंज के बड़े बाबा भगवान आदिनाथ स्वामी का एक सौ आठ रिद्धि कलशों से महा मस्तिकाभिषेक किया गया जिसमें बड़ी संख्या में पंक्ति वंध हो कर भक्तो ने महा मस्तिष्काभिषेक का सौभाग्य प्राप्त किया इस दौरान जैन समाज के मंत्री शैलेन्द्र श्रागर ने कहा कि सभी जीव निरोगी रहें एवं सुख ,शान्ति एवं समृद्धि से भरपूर रहें , सब जीवों के कल्याण की भावना के साथ मंगल कामना करते हैं इसके बाद भगवान की महापूजन की गई
*अड़तालीस दीपों से जगमगाया जिनालय हुई महाआरती*
समा को आरती के वाद श्री भक्तावर मंडल सुभाष गंज दारा अड़तालीस दीपों से जगमगाया हुये महाआरती के पहले रिद्धि मंत्रो की आराधना करते हुए श्री भक्तावर जी के संगीत मय पाठ के साथ दीप प्रज्जवलन करते हुए एक एक कड़ी के साथ दीप आराधना करते हुए भक्ति संध्या का आयोजन किया गया इस दौरान भक्तदारा भगवान की वंदना करते हुए भक्ति भाव पूर्वक एक एक दीप प्रज्ज्वलित करके हुए दीपों की स्थापना की गई तद उपरांत भक्तावर मंडल के सत्यम सिघ ई धुर्रा संचित बजाज डॉ पंकज जैन सहित अन्य भक्तों के मधुर भजनों के साथ भगवान की भक्ति की गई
*जिले भर में मनाई गई आदिनाथ जन्म जयंती*
जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ स्वामी का जन्म जयंती आंचल के सबसे बड़े तीर्थ अतिशय क्षेत्र दर्शनोंदय तीर्थ थूवोनजी में भगवान आदिनाथ स्वामी का अभिषेक के साथ एक सौ आठ रिद्धि मंत्रो से अभिषेक किया गया
*मियांदात में मुनिश्री के सान्निध्य में हुई महापूजा*
चन्द्रेरी के निकट जंगल में स्थित अतिशयक्षेत्र मियांदात में मुनिश्री अविचल सागर जी महाराज के सान्निध्य में भगवान आदिनाथ जन्म जयंती समारोह पूर्वक मनाई गई इस दौरान भगवान के कलशाभिषेक के साथ अन्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस दौरान आसपास से भक्तों ने पहुंच कर धर्म लाभ लिया
*मुंगावली में भगवान का पालना झुलाकर आदि नाथ जयंती मनाई गई*
मुंगावली में आदिनाथ स्वामी की जन्म जयंती पर भगवान का भक्ति भाव पूर्वक पालना झुलाया गया इस दौरान भगवान आदिनाथ का अभिषेक के साथ ही पूरे विधि-विधान के साथ महा पूजन की गई इस दौरान सभी मन्दिरो में भक्तो जल चन्दन अक्षत पुष्प से विशेष पूजा अर्चना की गई
शाडारौ में भी भगवान आदिनाथ स्वामी की जन्म जयंती पर महिला मंडल द्वारा विशेष दृव्य थाल सजाकर भगवान का गुणगान किया गया इस दौरान भगवान आदिनाथ स्वामी के कलशाभिषेक जगत कल्याण की कामना के लिए महा शान्ति धारा की गई

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