- वेतन आहरण खाते के माध्यम से बीमा सुरक्षा पुनः लागू करने की मांग
रायपुर (विश्व परिवार)। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन(एनएचएम) अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारियों को पूर्व में उनके वेतन आहरण खाते से संबंधित बैंक के माध्यम से दुर्घटना एवं मृत्यु पर बीमा सुरक्षा का लाभ प्रदान किया जाता था। इस व्यवस्था से कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों को आकस्मिक दुर्घटना अथवा असामयिक मृत्यु की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा प्राप्त होती थी।
गौरतलब है कि राज्य शासन द्वारा नियमित कर्मचारियों को वेतन आहरण खाते के माध्यम से बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के 1.60 करोड़ रुपये दुर्घटना मृत्यु एवं 11 लाख रुपये सामान्य मृत्यु की बीमा सुरक्षा प्रदान की जा रही है, जबकि एनएचएम के संविदा कर्मचारी इस महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा से वर्तमान में वंचित होने की स्थिति में हैं।
एनएचएम संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी ने बताया कि संबंधित बैंक के साथ समझौता ज्ञापन (MOU) वर्तमान में प्रभावशील न होने के कारण यह आशंका उत्पन्न हो गई है कि भविष्य में संविदा कर्मचारियों को यह बीमा सुरक्षा उपलब्ध नहीं हो पाएगी। इससे कर्मचारियों के बीच चिंता एवं असुरक्षा की भावना व्याप्त है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारी सीमित वेतन में प्रदेश के शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ सुदूर ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों में आम जनता को निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। ऐसे में बीमा सुरक्षा जैसी सामाजिक संरक्षण व्यवस्था का निरंतर बने रहना अत्यंत आवश्यक है।
संघ के प्रदेश महासचिव कौशलेश तिवारी एवं प्रवक्ता पुरन दास ने कहाँ कि कर्मचारियों की ओर से मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, अटल नगर, नया रायपुर को पत्र लिखकर मांग की है कि संबंधित बैंक के साथ शीघ्र समझौता ज्ञापन (MOU) निष्पादित कर वेतन आहरण खाते के माध्यम से पूर्ववत बीमा सुरक्षा की सुविधा को बहाल करते हुए उसे निरंतर सुनिश्चित किया जाए।
कर्मचारियों का कहना है कि यदि समय रहते इस दिशा में आवश्यक निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेश के हजारों एनएचएम संविदा कर्मचारी एवं उनके परिवार एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच से वंचित हो जाएंगे।





