रायपुर (विश्व परिवार)। छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति बहाली के लिए नई पहल शुरू की है। अब जेलों में बंद नक्सलियों के पुनर्वास की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि सरकार नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने के लिए विशेष योजना तैयार कर रही है।
सरकार की इस नई रणनीति के तहत अब तक बस्तर संभाग में करीब 2 लाख से अधिक मामलों की समीक्षा की जा चुकी है। वहीं 3 हजार से ज्यादा नक्सलियों का पुनर्वास किया गया है। इसके अलावा करीब 2 हजार मामलों को निरस्त करने की प्रक्रिया भी जारी है। छत्तीसगढ़ की विभिन्न जेलों में बंद नक्सलियों को अब दूसरे-तीसरे राज्यों में शिफ्ट करने के बजाय प्रदेश में ही रखकर उनके पुनर्वास पर काम किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनर्वास नीति केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे जमीनी स्तर पर लागू किया जाएगा। नक्सलियों को पुनर्वास केंद्रों में लाकर उन्हें विभिन्न कौशल प्रशिक्षण दिए जाएंगे, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
नक्सलवाद का खात्मा, विकास की नई राह
बस्तर संभाग लंबे समय से नक्सल समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में सरकार की यह नई पहल न केवल शांति स्थापित करने में मदद करेगी, बल्कि क्षेत्र के विकास को भी गति देगी। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा, रोजगार और पुनर्वास के जरिए ही नक्सलवाद की जड़ को कमजोर किया जा सकता है।





