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जीवन की सुरक्षा होने पर ही आप धर्म और समाज परिवार की रक्षा कर धर्म प्रभावना कर सकते हैं-आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

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पारसोला(विश्व परिवार)। धर्म नगरी पारसोला में सर्वतोभद्र महा मंडल विधान के दौरान पूजन आचार्य वर्धमान सागर की संघ सानिध्य में उत्साह , भक्ति नृत्य पूर्वक हो रही है। महा मंडल प्रारंभ 13 तारीख से प्रारंभ हुआ अभी तक पूजन में अर्घ्य प्रतिष्टाचार्य कीर्तिश , पंडित अशोक के निर्देशन में समर्पित किये गये। ब्रह्मचारी गजु भैया एवं राजेश पंचोलिया के अनुसार आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने प्रवचन में बताया कि सात प्रकार के भय बताए गए हैं जिसमें मृत्यु भी एक भय है।जीवन की सुरक्षा के लिए सुरक्षा कवर हेलमेट जरूरी है जीवन सुरक्षित रहने पर ही आप धर्म और पुण्य अर्जित कर सकते हैं जीवन सुरक्षित रहने पर ही आप धर्म और पूर्ण कर सकते हैं मृत्यु के समय जैसे भाव और परिणाम होते हैं उसके अनुसार आपकी अगली आयु का गति का बंघ होता है मनुष्य और जैन धर्म आपको पिछले जन्मों के पुण्य से प्राप्त हुआ है। इसलिए इस गति जीवन में आत्मा की सुरक्षा जरूरी है ,जीवन की सुरक्षा होने पर आप धार्मिक अनुष्ठान, धर्म प्रभावना समाज की कर सकते हैं। जयंतीलाल कोठारी अध्यक्ष जैन समाज ऋषभ पचौरी अध्यक्ष वर्षायोग समिति अनुसार जीवन की सुरक्षा के लिए हेलमेट आचार्य श्री सानिध्य में अहमदाबाद की सेवा भावी संस्था द्वारा वितरित किए गए सभी को हेलमेट पहनने के लिए आचार्य श्री के समक्ष संकल्पित कराया गया। जैन समाज के सुप्रसिद्ध भामाशाह आरके मार्बल ग्रुप किशनगढ़ के श्रीमति तारिका विमल जी पाटनी आरके मार्बल किशनगढ़ आज आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के दर्शन करने के लिए परिवार सहित पारसोला पधारे जहां पर समाज ने उनका सम्मान किया।

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