नई दिल्ली (विश्व परिवार)। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को बजट सत्र में विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ रहा है, जिसका तृणमूल कांग्रेस ने भी समर्थन किया है। कांग्रेस सांसदों ने बिरला पर राहुल गांधी जैसे विपक्षी नेताओं को बोलने से रोकने, पक्षपातपूर्ण व्यवहार करने और जनता के मुद्दों को उठाने वाले सांसदों को निलंबित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) के सांसद पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी के निर्देशानुसार लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेंगे। यह घटनाक्रम बजट सत्र के दूसरे चरण से ठीक पहले सामने आया है, जो 9 मार्च से शुरू होने वाला है। इस चरण में तीन कांग्रेस सांसद सदन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को बोलने से रोकने के लिए अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने की मांग वाला प्रस्ताव पेश करने वाले हैं। कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद, कोडिकुन्निल सुरेश और मल्ल रवि ने लोक लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पर पक्षपात करने और विपक्षी महिला सांसदों के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाने का आरोप लगाया है। उन्होंने आगे बताया कि जहां विपक्षी सांसदों को जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए बिरला द्वारा पूरे संसदीय सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है, वहीं सत्ताधारी दल के सदस्यों को पव प्रधानमंत्रियों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए फटकार नहीं लगाई गई है। लोकसभा की कार्यसूची में लिखा था कि सदन अध्यक्ष के आचरण को ध्यान में रखते हुए, जिसमें विपक्ष के नेता और अन्य विपक्षी नेताओं को बोलने से रोकना, विपक्षी महिला सांसदों पर निराधार आरोप लगाना, जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए विपक्षी सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित करना





