देशनई दिल्ली

पीएम मोदी ने किया एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ, कहा- ‘ये नारीशक्ति को सशक्त करने की दिशा में अहम कदम’

नई दिल्ली (विश्व परिवार)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार को राजस्थान के अजमेर से सर्विकल कैंसर के विरुद्ध राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर 5 लड़कियों को ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीका लगाया गया। इस अभियान का लक्ष्य हर साल सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 14 साल की लगभग 1.15 करोड़ लड़कियों को टीका लगाना है। टीका तय सरकारी हेल्थ सेंटर पर मुफ्त में दी जाएगी।
एचपीवी टीकाकरण के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान के शुभारंभ के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमारी सरकार सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पबद्ध है। इसी कड़ी में अजमेर से राष्ट्रव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत के साथ कई परियोजनाओं के उद्घाटन-शिलान्यास और युवाओं को नियुक्ति पत्रों के वितरण का सौभाग्य मिला है।”
उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अजमेर से एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू हुआ है। ये अभियान देश की नारीशक्ति को सशक्त करने की दिशा में अहम कदम है।
पीएम मोदी ने कहा, “हम सब जानते हैं कि परिवार में जब मां बीमार होती है, तो घर बिखर सा जाता है। अगर मां स्वस्थ है, तो परिवार हर संकट का सामना करने में सक्षम रहता है। इसी भाव से भाजपा सरकार में महिलाओं को संबल देने वाली अनेक योजनाएं चलाई हैं।”
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि हमने 2014 से पहले का वो दौर देखा है, जिसमें शौचालय के अभाव में बहनों-बेटियों को कितनी पीड़ा और अपमान झेलना पड़ता था। बच्चियां स्कूल छोड़ देती थी, क्योंकि वहां अलग टॉयलेट की सुविधा नहीं होती थी। पहले जो सत्ता में रहे, उनके लिए ये छोटी बातें थी, इसलिए इन समस्याओं की चर्चा तक नहीं होती थी। उन्होंने कहा, “हमारे लिए ये बहन-बेटियों को बीमार करने वाला, उनके अपमान से जुड़ा संवेदनशील मसला था। इसलिए इनका मिशन मोड़ पर समाधान किया।”
उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान कुपोषण माताओं के जीवन के लिए बहुत बड़ा खतरा होता था। हमने सुरक्षित मातृत्व के लिए योजना चलाई। मां को पोषक आहार मिले, इसके 5 हजार रुपए बहनों के खाते में जमा करने की योजना शुरू की। मां धुएं में खांसती रहती थी, लेकिन उफ्फ तक नहीं करती थी। हमने कहा कि ये नहीं चलेगा और इसलिए उज्ज्वला गैस योजना बनी। ये सब इसलिए संभव हुआ, क्योंकि भाजपा सरकार सत्ताभाव से नहीं, संवेदनशीलता के साथ काम करती है।

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