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रायपुर पुलिस का बड़ा खुलासा: फर्जी कॉल सेंटर से करोड़ों की ठगी, दिल्ली गिरोह पकड़ा गया

रायपुर (विश्व परिवार)। फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर देश भर में करोड़ो रूपये की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय दिल्ली गिरोह का भण्डाफोड़ हो गया है, परमजीत सिंह चड्डा ने थाना मुजगहन में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह ग्राम कांदुल, मुजगहन रायपुर में रहता है। प्रार्थी को माह नवम्बर 2024 को उसके मोबाईल फोन नम्बर में मोबाईल न० 8826982241 के धारक अनिरूद्ध चौधरी के द्वारा फोन आया तथा उसने प्रार्थी को बताया कि उसके नाम से डी.बी.टी. भारत बैंक में कुल 98,64,000/- रूपये की बीमा पॉलिसी मैच्योर हो चुकी है, उक्त रकम का वह नॉमिनी है तथा उक्त बैंक आपको नॉमिनी होने के कारण सम्पूर्ण मैच्योरिटी की राशि बैंक के द्वारा आपको प्रदान किया जाना है तथा उसके लिये आपको बैंक में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिये कहा गया एवं यदि व्यक्तिगत रूप से बैंक में उपस्थित होने में असमर्थ है तो मोबाईल पर सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त कर मैच्योरिटी की राशी आहरण करने की सम्पूर्ण औपचारिकताये पूर्ण की जायेंगी एवं राशि आपके बैंक खाते में जमा करा दी जावेगी। जिसके पश्चात् अनिरूद्ध चौधरी द्वारा 01 अन्य बैंक कर्मी सरला आर्या मो.नं. 7668121478 से बात कराई तथा कहा कि आगे की औपचारिकताओं हेतु सरला आर्या ही कार्य करेंगी। सरला आर्या द्वारा प्रार्थी को बिमा की मैच्योरिटी राशि प्राप्त करने हेतु प्रोसेसिंग फीस जमा करने हेतु प्रफुल्ल कृष्णा नामक व्यक्ति के बैंक ऑफ बड़ौदा का खाता संख्या 51570100021245 प्रदाय किया जिसमें प्रार्थी द्वारा दिनांक 26.03.2025 को 22,600/- रूपये जमा किया गया, इसके बाद पुनः सरला आर्या द्वारा बिमा की मैच्योरिटी राशि प्राप्त करने के लिये कागजी कार्यवाही हेतु 4,21,485/- रूपये जमा कराने हेतु कहा गया जिस पर प्रार्थी द्वारा दिनांक 04.06.2025 से 21.07.2025 तक अलग-अलग किश्तों में सरला आर्या द्वारा जमा कराने हेतु की गई रकम को जमा करा दिया गया। इसके पश्चात् सरला आर्या द्वारा पुनः बिमा की मैच्योरिटी राशि 98,64,000/- रूपये को प्राप्त करने हेतु टैक्स भरने एवं एन.ओ.सी. प्राप्त करने हेतु पुनः 01 इंडियन ओवरसीस बैंक का खाता दिया गया एवं उसमें 3,44,640/- रूपये जमा करने हेतु कहा गया, जिसके बाद प्रार्थी द्वारा मुझे शक हो रहा है कहा गया तब उनके द्वारा भारतीय रिजर्व बैंक का कूटरचित दस्तावेज एवं 01 बैंक का डी.डी. प्रार्थी के फोन पर भेजा गया जिसके बाद प्रार्थी ने पुनः उनके दिये हुए बैंक खाता में चाही गई रकम स्थानांतरित करवा दी गई। इसके पश्चात् प्रार्थी द्वारा सरला आर्या द्वारा भेजे गये दस्तावेज एवं डी.डी. को अपने बैंक में जाकर चेक करवाया तो उनके द्वारा प्रार्थी को उसके साथ ऑनलाईन ठगी होना बताया गया। इस प्रकार मोबाईल न० 8826982241 के धारक अनिरूद्ध चौधरी तथा मो.नं. 7668121478 सरला आर्या के द्वारा प्रार्थी को कूटरचित दस्तावेज दिखा कर बिमा पोलिसी राशि मैच्योर होने के झांसा देकर उससे अलग-अलग किश्तो में कुल 9,60,000/- रूपये अलग-अलग म्यूल बैंक खाताओं में स्थानांतरित कराकर ऑनलाईन ठगी की गई थी। जिस पर आरोपियों के विरूद्ध थाना मुजगहन में अपराध क्रमांक 24/26 धारा 318(4) बी.एन.एस., 66डी आई टी एक्ट का अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
लाखों रूपये ऑनलाईन ठगी की घटना को पुलिस उपायुक्त (क्राईम एण्ड साईबर) श्री स्मृतिक राजनाला, पुलिस उपायुक्त (पश्चिम क्षेत्र) श्री संदीप पटेल तथा वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट की विशेष टीम का गठन कर अज्ञात आरोपियों की पतासाजी कर गिरफ्तार करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये।
जिस पर एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट एवं थाना मुजगहन की संयुक्त टीम द्वारा अज्ञात आरोपियों की पतासाजी करना प्रारंभ किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा घटना के संबंध में प्रार्थी से विस्तृत पूछताछ किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा जिन मोबाईल नंबरों से प्रार्थी के मोबाईल फोन पर कॉल आया था, उन मोबाईल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण करने के साथ ही जिन खातों में रकम स्थानांतरित किये गये थे, उन खातों के संबंध में भी संबंधित बैंकों एवं बीमा पॉलिसी की जानकारी प्राप्त की जाकर अज्ञात आरोपियों को चिन्हांकित करने के प्रयास करते हुये ठगी हेतु आये मोबाईल नंबरों के साथ – साथ उनसे संबंधित अन्य कई मोबाईल नंबरों का लगातार विश्लेषण किया जा रहा था। इसी दौरान अंततः आरोपियों को चिन्हांकित करने में सफलता मिली तथा आरोपियों को दिल्ली में लोकेट किया गया।
जिसके संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को सूिचत कर टीम को दिल्ली रवाना किया गया। टीम के द्वारा दिल्ली में लगातार कैम्प करते हुए आरोपियों की पड़ताल करने पर यह सुनिश्चित हुआ कि आरोपियों द्वारा नोएडा स्थित गौर सिटी मॉल में 01 कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था एवं बहुत ही सर्तकता से अपनी स्वयं की पहचान छिपाते हुये इस तरह की ठगी की वारदात को अंजाम दिया गया है।
आरोपियों द्वारा उपयोग किये गये मोबाईल नंबर फर्जी होने के साथ ही बैंक खातों के पते भी दूसरे स्थानों के थे। आरोपियों द्वारा उन मोबाईल नंबरों एवं खातों का उपयोग सिर्फ और सिर्फ ठगी की वारदात को कारित करने के लिए किया गया था। आरोपियों के संबंध में जानकारी पुख्ता होने के पश्चात् टीम के सदस्यों द्वारा आरोपियों द्वारा संचालित कॉल सेंटर में रेड कार्यवाही की गई, रेड कार्यवाही के दौरान कॉल सेंटर में 03 व्यक्ति उपस्थित पाये गये जिन्होने पूछताछ में अपना नाम अनिल कुमार, अजय तिवारी एवं रिंकू सिंह निवासी गाजियाबाद उत्तरप्रदेश का होना बताया। टीम के सदस्यों द्वारा सभी को पकड़कर घटना के संबंध में कड़ाई से पूछताछ करने पर उनके द्वारा ऑनलाईन ठगी की उक्त घटना को अंजाम देना बताया गया।

 

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