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छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन, जिला शाखा रायपुर की ओर से प्रतिक्रिया

रायपुर (विश्व परिवार)। छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन, जिला शाखा रायपुर ने राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि शासकीय कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा स्वागतयोग्य है, किंतु पेंशनरों को इससे वंचित रखना घोर अन्यायपूर्ण है।
एसोसिएशन ने कहा कि बजट भाषण में माननीय वित्त मंत्री ओ पी चौधरी द्वारा पेंशन भुगतान के डिजिटलीकरण की जानकारी दी गई, जिसे एक सकारात्मक कदम माना जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि डिजिटलीकरण के बाद यह तथ्य सामने आया है कि छत्तीसगढ़ सरकार को मध्य प्रदेश से लगभग 10 हजार करोड़ रुपये प्राप्त होने हैं, जिससे भविष्य में पेंशन भार कम होने की संभावना है।
हालांकि, एसोसिएशन का कहना है कि इतनी बड़ी राशि की लेनदारी में हुई लापरवाही के लिए जिम्मेदारी किसकी है, यह स्पष्ट नहीं किया गया। यह राशि कब, क्यों और कैसे लंबित रही—इन महत्वपूर्ण प्रश्नों पर सरकार की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं आया, जिससे पेंशनर वर्ग में असंतोष है।
एसोसिएशन ने यह भी कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में शासकीय सेवकों के लिए कैशलेस हेल्थ योजना लागू करने तथा इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, यह निर्णय सराहनीय है। किंतु पेंशनरों को इस योजना के दायरे से बाहर रखना उनके साथ भेदभाव है। सेवा काल में राज्य के लिए अपना योगदान दे चुके पेंशनरों को स्वास्थ्य सुरक्षा से वंचित करना किसी भी दृष्टि से न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता।
छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन, जिला शाखा रायपुर उपाध्यक्ष राजेंद्र उमाठे एवं सचिव बेनीराम गायकवाड़ ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस बजट में पेंशनरों की अन्य प्रमुख मांगों पर भी चुप्पी साधी गई है, जिससे पेंशनर समुदाय स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रहा है।
एसोसिएशन ने राज्य सरकार से मांग की है कि कैशलेस स्वास्थ्य योजना का लाभ अविलंब पेंशनरों को भी दिया जाए तथा पेंशनर्स से जुड़े सभी लंबित मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ निर्णय लिया जाए, ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारी सम्मान और सुरक्षा के साथ जीवन यापन कर सकें।

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