- वर्ष में 6898 व्यक्तियों की मृत्यु हुई, 76 लोगों को दिया गया मुआवजा
- प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत दुर्घटना ग्रस्त लोगों को दी जा रही सहायता
रायपुर (विश्व परिवार)। राजधानी रायपुर सहित छत्तीसगढ़ में सुगम यातायात की नीति को लेकर एवं सडक़ दुर्घटनाओं में बढ़ती मौतों को लेकर आज सदन में सत्ता पक्ष के सुनील सोनी, अजय चन्द्राकर और अनुज शर्मा ने सरकार को घेरा और पूछा कि सडक़ दुर्घटना को रोकने और मुआवजा का क्या-क्या प्रावधान है, इसकी जानकारी दें।
परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि अभी तक सडक़ दुर्घटनाओं में 6898 लोगों की मौत हुई, जिसमें से 76 लोगों को मुआवजा दिया गया है। उन्होंने बताया कि घायल लोगों के उपचार के लिए 7 जिले में विशेष व्यवस्था की गई है। रायपुर के विधायक सुनील सोनी ने भाटागांव रिंग रोड में सडक़ दुर्घटनाओं के बारे में चिंता जताई उन्होंने ने कहा कि राजधानी में सुगम यातायात और सडक़ दुर्घटनाओं को लेकर कार्यवाही की जा रही है। परिवहन मंत्री ने बताया कि फाफाडीह चौक, जयस्तम्भ चौक सहित कई प्रमुख चौकों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। इसके अलावा लेफ्टर्न की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सडक़ दुर्घटना में घायलों का उपचार किया जाता है।
भाजपा के अजय चन्द्राकर ने कहा कि एक निगरानी समिति बनाई गई थी, धारा 149 में इसकी चर्चा भी हुई थी, लेकिन क्रियान्वयन नहीं हुआ। उन्होंने बढ़ती दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। परिवहन मंत्री ने बताया कि ब्लैक स्पॉट खत्म किए जा रहे हैं, इसके अलावा ड्राइविंग लाइसेंस का अनुमोदन किया जा रहा है। भाजपा के अनुज शर्मा ने भी परिवहन नियमों का पालन नहीं करने के कारण सडक़ दुर्घटना पर चिंता जताई। सभापति धरमजीत सिंह ने सदस्यों से आग्रह किया कि एक-एक करके प्रश्र पूछे। सडक़ दुर्घटनओं के रोकथाम के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है।





