रायपुर(विश्व परिवार)। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग ने 18 दिसंबर 2024 को इमर्जिंग टेक्नोलोजिस एंड एप्लिकेशन इन इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विषय पर दो दिवसीय द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ किया । हाइब्रिड मोड में आयोजित इस सम्मेलन के उदघाटन समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के प्रबंध संचालक भीम सिंह कंवर थे। इस सम्मेलन के विशेष अतिथि एनआईटी रायपुर के डायरेक्टर डॉ. एन. वी. रमना राव, और सम्माननीय अतिथि डीन (आकदमिक) डॉ. श्रीश वर्मा रहे | कार्यक्रम की अध्यक्षता इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अनामिका यादव ने की। कार्यक्रम के आयोजन सचिवों में डॉ. डी. सुरेश,डॉ. वी. हरि प्रिया, डॉ. राजन कुमार और डॉ. चिलका रंगा शामिल हैं। इस कार्यक्रम में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग की प्रोफेसर डॉ. शुभ्रता गुप्ता, फैकल्टी मेम्बर्स , प्रतिभागी, स्कॉलर और छात्र उपस्थित थे।
इस सम्मेलन में उन्नत और उभरती तकनीकों जैसे पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, उन्नत सेमीकंडक्टर्स, ऊर्जा भंडारण, ऑप्टिक्स और फोटोनिक्स, और स्मार्ट ग्रिड नियंत्रण तकनीकों पर जोर दिया जाएगा । इसके अतिरिक्त, पावर ग्रिड की सुरक्षा और नियंत्रण, उच्च वोल्टेज अभियांत्रिकी, और पावर जनरेशन, ट्रांसमिशन, और डिस्ट्रीब्यूशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के अनुप्रयोगों पर भी चर्चा करने के लिए मंच प्रदान करता है।
कार्यक्रम का आरंभ डॉ.अनामिका यादव के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में कुल 250 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 70 का चयन किया गया। इन शोध पत्रों में भारत, चीन, और सऊदी अरब के शोधकर्ताओं ने भी भाग लिया था। इसके अलावा उन्होंने नेटवर्किंग और विचारों के आदान-प्रदान की आवश्यकता पर जोर दिया।
डॉ. श्रीश वर्मा ने विद्युत अभियांत्रिकी विभाग की प्रशंसा की और कार्यक्रम में बढ़ती अंतरराष्ट्रीय भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में प्रस्तुत शोध पत्रों को 30% स्वीकार्यता दर से चयन किया गया, जो शोध की गुणवत्ता को दर्शाता है।
डॉ. एन.वी. रामना राव ने स्मार्ट ग्रिड, ऊर्जा पूर्वानुमान, बैटरी भंडारण, और इलेक्ट्रिक वाहनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) का उपयोग कृषि और सामुदायिक ऊर्जा उत्पादन में भी किया जा सकता है।
श्री भीम सिंह कंवर ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी (CSPDCL) की सेवाओं और भविष्य की योजनाओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 5000 मेगावाट बिजली की मांग है, जो 2030 तक 9000 मेगावाट तक बढ़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि चैटबॉट, वर्चुअल असिस्टेंट और उन्नत टूल का उपयोग करके ग्राहक सेवा को उन्नत करने के प्रयास किये जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों, विशेषकर सौर और पवन ऊर्जा, पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है ,साथ ही, उन्होंने बिजली चोरी रोकने, लोड बैलेंसिंग, और स्मार्ट ग्रिड के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उपकरणों के लाभों पर भी चर्चा की। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए बिजली क्षेत्र में बढ़ते हुए साइबर सुरक्षा जोखिमों से भी बचने की बात की।
इसके बाद उन्होंने एनआईटी रायपुर को बधाई दी, और कहा कि यहां के छात्र सीएसपीडीसीएल में उच्च पदों पर रहे हैं। उन्होंने अपने पेशे में कड़ी मेहनत और समर्पण को प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और एक समूह फोटोग्राफ के साथ हुआ।
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