रायपुर (विश्व परिवार)। विकास ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूशन्स ने हाल ही में परीक्षण निर्माण और मानकीकरण विषय पर एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया, जिसमें केडीआरसीएसटी की प्राचार्या डॉ. सीमा अग्रवाल मुख्य वक्ता रहीं। इस सेमिनार का उद्देश्य विभिन्न शोध पद्धतियों और मानकीकृत परीक्षण तथा प्रश्नावली विकसित करने की प्रक्रिया को समझाना था। डॉ. सीमा अग्रवाल ने एक व्यापक व्याख्यान प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने विभिन्न शोध रूपों की मूलभूत जानकारी दी और परीक्षण तथा प्रश्नावली निर्माण की संरचित प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने परीक्षण योजना, प्रारंभिक परीक्षण और परीक्षण निर्माण से जुड़ी चुनौतियों जैसे अर्थहीनता, अस्पष्टता और अपर्याप्तता पर चर्चा की। साथ ही, उन्होंने परीक्षण की विश्वसनीयता (रिलायबिलिटी) के महत्व को भी रेखांकित किया, जिससे मूल्यांकन की सटीकता और स्थिरता सुनिश्चित की जा सके। इस कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. डी. एन. देवांगन, आरएंडडी डीन डॉ. मनीषा अग्रवाल और विभिन्न संकाय सदस्य उपस्थित रहे। उन्होंने सेमिनार में सक्रिय रूप से भाग लिया और परीक्षण मानकीकरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं। यह सेमिनार सभी प्रतिभागियों के लिए एक समृद्ध अनुभव साबित हुआ, जिससे उन्हें विश्वसनीय और वैध मूल्यांकन उपकरणों के निर्माण की जटिलताओं को समझने में मदद मिली। सत्र के अंत में एक इंटरएक्टिव चर्चा आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने डॉ. अग्रवाल से अपने प्रश्न पूछे और इस विषय पर अपनी समझ को और अधिक गहरा किया।