रायपुर (विश्व परिवार)। रायपुर निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता सुगंधा जैन को एक बार फिर माननीय सर्वोच्च न्यायालय, भारत में छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की स्टैंडिंग काउंसिल के रूप में नियुक्त किया गया है। उनकी इस पुनर्नियुक्ति पर रायपुर सहित पूरे प्रदेश में शुभचिंतकों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं, विधि जगत से जुड़े लोगों एवं परिवारजनों द्वारा हर्ष व्यक्त करते हुए बधाइयाँ दी जा रही हैं।
इस अवसर पर सुगंधा जैन ने छत्तीसगढ़ शासन के विधि विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा,
“राज्य सरकार द्वारा पुनः मुझ पर विश्वास जताकर यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है, जिसके लिए मैं कृतज्ञ हूँ। आगे भी पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप राज्य के हित में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करती रहूँगी।”
उल्लेखनीय है कि सुगंधा जैन वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ शासन की ओर से विभिन्न संवैधानिक, आपराधिक एवं सार्वजनिक महत्व के मामलों में प्रभावी रूप से प्रतिनिधित्व कर रही हैं। वर्तमान में वे सुप्रीम कोर्ट में चल रहे स्ट्रे डॉग मामले में भी राज्य सरकार की ओर से पैरवी कर रही हैं।
अपने विस्तृत कानूनी अनुभव के दौरान सुगंधा जैन छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग, दिल्ली विश्वविद्यालय तथा राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की पैनल अधिवक्ता हैं।
इसके साथ ही वे राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (NIEPA) एवं NCERT में POSH अधिनियम के अंतर्गत आंतरिक शिकायत समिति की बाह्य सदस्य (External Member) के रूप में भी सेवाएँ दे रही हैं। कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों में जांच प्रक्रिया, कानूनी अनुपालन एवं मार्गदर्शन में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत सुगंधा जैन KGBV वार्डन प्रशिक्षण परियोजना में विशेषज्ञ के रूप में भी कार्य कर रही हैं।
भारत सरकार द्वारा हाल ही में मेरा युवा भारत, रायपुर, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित अंतर जिला आदान-प्रदान कार्यक्रम (महाराष्ट्र मंडल) के प्रथम सत्र में उन्हें बस्तर के बच्चों को कानून संबंधी जानकारी प्रदान करने का अवसर भी प्राप्त हुआ।
उनकी यह पुनर्नियुक्ति महिला अधिवक्ताओं एवं युवा विधि विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत के रूप में देखी जा रही है।





