तखतपुर (विश्व परिवार)। बिलासपुर जिले के तखतपुर क्षेत्र में एक युवक ने अपनी मां की गिरफ्तारी से आहत होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि पुलिस द्वारा मां को थाने लाने के निर्देश के बाद युवक खुद उसे लेकर थाने पहुंचा था और वापस घर लौटने के बाद उसने यह कदम उठा लिया।
फर्जी सर्पदंश मुआवजा मामले में कार्रवाई
मामला ग्राम चना डोंगरी का है, जहां उर्वशी श्रीवास नामक महिला पर अपने पति की मौत को सर्पदंश बताकर शासन से 4 लाख रुपये की सहायता राशि लेने का आरोप है। जांच में सामने आया कि यह पूरा मामला फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तैयार किया गया था।
जांच में खुला बड़ा फर्जीवाड़ा
कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय टीम की जांच में पाया गया कि जिस मर्ग क्रमांक का हवाला दिया गया था, वह किसी अन्य व्यक्ति का था। मृतक पुरुषोत्तम श्रीवास का सरकारी रिकॉर्ड में कहीं उल्लेख नहीं मिला।
तत्कालीन तहसीलदार ने भी स्पष्ट किया कि सहायता राशि जारी करने के आदेश पर किए गए हस्ताक्षर फर्जी हैं और उनके द्वारा नहीं किए गए।
परिजनों के बयान से भी खुलासा
मृतक के ससुर और साले के बयानों में भी विरोधाभास सामने आया। उन्होंने बताया कि मृत्यु घर पर हुई थी और सर्पदंश की घटना काफी पहले की थी, जिससे लकवा हुआ था। मौत के समय सर्पदंश जैसी कोई घटना नहीं हुई थी।
महिला पर मामला दर्ज, बेटे ने उठाया आत्मघाती कदम
फर्जी दस्तावेजों और जाली हस्ताक्षरों के आधार पर सरकारी राशि प्राप्त करने के आरोप में पुलिस ने उर्वशी श्रीवास के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया।
इसी दौरान मां की गिरफ्तारी से आहत बेटे ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस जांच जारी
घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा की कार्रवाई की जा रही है।
वहीं, एडिशनल एसपी मधुलिका सिंह ने महिला की गिरफ्तारी की पुष्टि की है, हालांकि उन्होंने युवक की आत्महत्या की जानकारी होने से इनकार किया है।





