रायपुर (विश्व परिवार)। श्री दावड़ा विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय द्वारा “कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं साइबर सुरक्षा” विषय पर एक प्रभावशाली एवं ज्ञानवर्धक संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में छात्रों एवं संकाय सदस्यों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही, जिसने इसे एक उत्कृष्ट शैक्षणिक आयोजन बना दिया।
यह कार्यक्रम विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता डॉ. सुराजित डे मंडल के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। संगोष्ठी का शुभारंभ माननीय मुख्य कार्यपालन अधिकारी चिन्मय दावड़ा द्वारा किया गया, जिन्होंने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों की पहल की सराहना करते हुए वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं साइबर सुरक्षा के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. सुराजित डे मंडल द्वारा स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने संगोष्ठी के उद्देश्य एवं महत्व को स्पष्ट किया। मुख्य वक्ता डॉ. प्रवीण चौकसे ने अपने व्याख्यान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साइबर सुरक्षा के नवीनतम आयामों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। इसके साथ ही विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत शोध-पत्र एवं संवादात्मक चर्चाओं ने कार्यक्रम को अत्यंत समृद्ध एवं प्रेरणादायक बना दिया।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसे डॉ. सोम्या द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने माननीय मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चिन्मय दावड़ा, आदरणीय महानिदेशक महोदया, मानद निदेशक श्री तुलसी दास सिंघानिया, मुख्य वक्ता, अधिष्ठाता, परीक्षा नियंत्रक डॉ. वरुण गंजीर, उप कुलसचिव विपिन श्रीवास्तव, संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
सभी गणमान्य अतिथियों एवं प्रतिभागियों के सहयोग से यह संगोष्ठी सफलतापूर्वक संपन्न हुई। कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों ने अपनी संतुष्टि व्यक्त की, जो इसकी गुणवत्ता एवं प्रभावशीलता को दर्शाता है। कार्यक्रम के अंत में परीक्षा नियंत्रक डॉ. वरुण गंजीर, उप कुलसचिव विपिन श्रीवास्तव, अधिष्ठाता एवं संकाय सदस्यों द्वारा प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
श्री दावड़ा विश्वविद्यालय भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों एवं संकाय की प्रतिभा को प्रोत्साहित करता रहेगा तथा नवाचार और शोध को बढ़ावा देता रहेगा।





