धर्म

विद्यालय और ‌जिनालय की आधारशिला ग्राम कोकड़ी में रखे जाने से साकार हो रहा शिक्षा का सपना

  • हल्की जलवृष्टि भविष्य के लिए शुभ संकेत

नवापारा राजिम (विश्व परिवार)। समीपस्थ ग्राम कोकड़ी में आचार्य विद्यासागर के आशीर्वाद से संचालित चल चरखा हथकरघा ‌परिसर में दिगम्बर जैन समाज द्वारा नवीन जिनालय एवं हथकरघा में काम करने वाली महिलाओं के‌ परिवार के बच्चों के उचित शिक्षा के लिए स्कूल के लिए आधार शिला मुनि आगम सागर महाराज के सानिध्य में
शिक्षा का‌ क्षेत्र में के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज एक नए विद्यालय एवं नये जिनालय की आधारशिला विधिवत रूप से रखी गई । समाज श्रेष्ठी जनों द्वारा ध्वजारोहण किया गया ।
इस अवसर पर भक्ति, आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला इस कार्यक्रम में रायपुर, महासमुंद, नवापारा राजिम, तिल्दा-नेवरा, धमतरी, जगदल‌पुर, सहित अन्य शहरों से भक्त गण पहुंचे हुए थे ।
रायपुर से विनोद बडजात्या, नवापारा राजिम से नीरज, जगदलपुर पुर से अविनाश का रहा भरपूर सहयोग
मंदिर निर्माण के लिए विनोद बड़जात्या पद्मप्रभ परिवार द्वारा घोषणा की गई । वहीं स्कूल के लिए जितनी भी गिट्टी लगेगी उसकी पूर्ति नवापारा निवासी नीरज गंगवाल द्वारा देने की घोषणा की गई । कार्यक्रम में मुख्य रूप से अविनाश लाइट हाउस जगदलपुर, नरेंद्र जैन गुरूकृपा रायपुर, मनोज जैन तिल्दा, दीपक जैन धमतरी की ओर से सहयोग प्रदान किया गया जिन्होने विद्यालय में एक-एक कक्ष के निर्माण की जिम्मेदारी ली गई है । साथ हीअन्य सहयोगियों ने अपनी स्वेच्छा से आगे आकर लगभग 10 से 11 कक्षों के निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान की । इस सामूहिक प्रयास से क्षेत्र में शिक्षा की मजबूत नींव रखी गई ।
इस अवसर पर बड़जात्या परिवार से राजकुमार जैन, मनोज जैन, राशू जैन के साथ रायपुर से मनीष जैन, प्रदीप जैन (विश्व परिवार), संजय नायक, संजय जैन सतना, श्रेयास जैन, महेंद्र बांझल, एम एल जैन, सुजीत जैन, अजय जैन, सुधांशु जैन, विपुल जैन आदि उपस्थित रहे ।

आधारशिला रखे जाने के शुभ अवसर पर अचानक हुई वर्षा को उपस्थित लोगों ने ईश्वर की कृपा और शुभ संकेत माना । इस संबंध में उपस्थित हथकरघा संचारिका की प्रमुख सावित्री देवी साहू ने भावुक होकर कहा कि “यह देवताओं द्वारा अमृत वर्षा है, जो इस पवित्र कार्य के लिए भूमि को शुद्ध कर रही है।” इस घटना ने कार्यक्रम की पवित्रता और आस्था को और भी सुदृढ़ कर दिया। इस अवसर पर महिलाओं की सक्रिय भागीदारी विशेष रूप से सराहनीय रही ।
आज महिलाएं अपने परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर जिम्मेदारी निभा रही हैं यह सब संभव हुआ है आचार्य विद्यासागर जी महाराज ‌के उचित मार्गदर्शन और निस्वार्थ सहयोग के कारण संभव हुआ है ।
अंत में सभी ने यही कामना की कि यह विद्यालय आने वाले समय में क्षेत्र के बच्चों के उज्जवल भविष्य का आधार बने और समाज के हर वर्ग को शिक्षा का लाभ मिल सके।
यह आयोजन न केवल एक शैक्षणिक पहल का प्रतीक रहा, बल्कि समाज में एकता, सहयोग और नारी सशक्तिकरण का भी प्रेरणादायक उदाहरण बना ।
संचालन राजेश रज्जन ने किया ।
कोकड़ी में मुनि श्री आगम सागर का प्रवचन श्रद्धा और भक्ति का उमड़ा सैलाब
समीपस्थ ग्राम कोकड़ी में मुनि श्री आगम सागर एवं मुनि श्री पावन सागर महाराज के सान्निध्य में आयोजित धर्मसभा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी । मुनि श्री के आगमन से पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण निर्मित हो गया ।
अपने प्रवचन में मुनि श्री ने कोकड़ी को “पुण्य धरा” बताते हुए कहा कि यहां की सादगी, श्रद्धा और सेवा भावना अत्यंत प्रेरणादायक है । विहार के दौरान भीषण गर्मी के बाद कोकड़ी पहुंचने पर बादलों की शीतल छाया और हल्की वर्षा ने वातावरण को सुखद बना दिया, जिसे उन्होंने प्रकृति का आशीर्वाद बताया ।
नगर प्रवेश के दौरान हथकरघा में कार्यरत महिलाओं द्वारा नंगे पैर, सिर पर कलश रखकर की गई अगवानी ने सभी को भाव-विभोर कर दिया । मुनि श्री ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं की यह सरलता और आस्था शहरों की औपचारिकता से कहीं अधिक श्रेष्ठ है ।
उन्होंने आगे कहा कि जहां शहरों में लोग आगवानी के दौरान पैरों में चप्पल और हाथों में मोबाइल के साथ आगवानी ‌कर औपचारिकता निभाते हैं, वहीं यहां की महिलाएं सच्चे भाव से सेवा और सम्मान करती हैं ।
मुनि श्री ने एक प्रसंग साझा करते हुए बताया कि एक महिला की श्रद्धा और समर्पण देखकर वे अभिभूत हो गए । महिला ने आचार्य श्री को “अद्भुत शक्ति का प्रतीक” बताते हुए उनकी वंदना की । इसी दौरान एक अन्य महिला ने अपने बच्चे के पेट दर्द से राहत मिलने का अनुभव भी साझा किया, जिसे उसने आचार्य श्री के आशीर्वाद का परिणाम बताया ।
इस दौरान एक महिला ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि आचार्य श्री के चरणों के “गेंदोधक” (चरणामृत) को अपने बच्चे को देने के बाद, जो लंबे समय से पेट दर्द से पीड़ित था, अगले ही दिन से स्वस्थ हो गया । इस घटना को श्रद्धालुओं ने आस्था और विश्वास का प्रतीक बताया ।
धर्मसभा में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे और सभी ने मुनि श्री के प्रवचनों से प्रेरणा ली ।
सूत्रों के अनुसार, मुनि संघ का कोकड़ी से संभवतः अगला पड़ाव‌ नवापारा की ओर विहार होने की संभावना है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है ।

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