औरंगाबाद (विश्व परिवार)। नाशिक जिले के चांदवड तालुका स्थित मालसाने का णमोकार तीर्थ देशभर के लोगों की भक्ति का केंद्र बन गया है। इस पंचकल्याणक महोत्सव में उपस्थित रहने का योग मिलना हमारा सौभाग्य है। सभी मुनिश्री के दर्शन और आशीर्वाद पाकर मैं अत्यंत आनंदित हूँ। यह उदगार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री नामदार देवेंद्र फडणवीस ने रविवार, 8 फरवरी को व्यक्त किए। इस अवसर पर भगवान चंद्रप्रभु का जन्मकल्याणक (पूर्वार्ध) सोहळा अत्यंत उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
इस मंगल प्रसंग पर राज्य के मंत्री गिरीश महाजन, दादाजी भुसे, राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता सांसद प्रफुल्ल पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. भारती पवार, विधायक डॉ. राहुल आहेर, विधायक दिलीप बनकर, विधायक सतीश केळकर की विशेष उपस्थिति रही। प्रारंभ में मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने प्रतिमा पूजन किया और गणधराचार्य 108 श्री कुंथुसागरजी महाराज एवं आचार्य 108 श्री देवनंदीजी महाराज सहित सभी मुनिश्री का दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
णमोकार तीर्थ ट्रस्ट की ओर से ट्रस्टी संतोष पेंढारी, नीलम अजमेरा, भूषण कासलीवाल, महावीर गंगवाल ने अतिथियों का सत्कार किया। मुख्यमंत्री के हाथों बालब्रह्मचारी वैशाली दीदी, जया दीदी, नीलम अजमेरा, संतोष पेंढारी, भूषण कासलीवाल को सम्मानित किया गया। मंच पर राजस्व आयुक्त डॉ. प्रवीण गेडाम, जिलाधिकारी आयुष प्रसाद, जिला परिषद CEO ओमकार पवार, पुलिस अधीक्षक बाळासाहेब पाटील, सहायक जिलाधिकारी कश्मिरा संख्ये, राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष पेंढारी, संयोजक नीलम अजमेरा, कीर्ती अजमेरा, दिनेश शेठी, कमल ठोलिया, बालब्रह्मचारी वैशाली दीदी, जयु दीदी, रूबीजी देवडा लोहाडे, उपाध्यक्ष महावीर गंगवाल, ट्रस्टी पवन पाटणी, विजय लोहाडे, संतोष काला, सुमेर काले, ललित पाटणी, महेंद्र काले, अनील जमगे, भूषण कासलीवाल, चंद्रशेखर कासलीवाल, पारस लोहाडे, डॉ. अतुल जैन, विनोद पाटणी, वर्धमान पांडे, पूनम संचेती, नूतन कासलीवाल, सोनल दगडे, मिहीर गांधी, आर आर पहाडे, अमित कासलीवाल, निलेश काला, संजय कासलीवाल, रूपेश जैन, अमित लोहाडे और विजयकुमार झांजरी आदि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि जैन तीर्थंकरों का अहिंसा और शांति का संदेश पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शक है। सांसद प्रफुल्ल पटेल ने भी णमोकार तीर्थ को मानव कल्याण के लिए महत्वपूर्ण बताया। सोमवार, 9 फरवरी को महोत्सव में भगवान का पाळणा सोहळा, बाललीला और कुमारक्रीड़ा जैसे विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
आज का भव्य आयोजन: हाथी-घोड़ों के लवाजमे के साथ निकली भव्य शोभायात्रा
आज मुख्य गुरु मंदिर से भगवान चंद्रप्रभु की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। सौधर्म इंद्र सहित सभी इंद्र और इंद्राणियों ने हाथी, घोड़े और पालकी से सजे रथों में सवार होकर गाजे-बाजे के साथ इस जुलूस में भाग लिया।
जब यह शोभायात्रा मुख्य मंडप पहुंची, तब इंद्र-इंद्राणियों द्वारा विभिन्न पूजन विधियां संपन्न की गईं। इसके पश्चात, भगवान चंद्रप्रभु का जन्मकल्याणक महोत्सव अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
कल के कार्यक्रम (सोमवार, 9 फरवरी 2026)
कल ‘जन्मकल्याणक (उत्तरार्ध)’ की विधियां निम्नलिखित समय सारणी के अनुसार आयोजित की जाएंगी:
सुबह 6:30 बजे: यज्ञशाला में अभिषेक, शांतिहवन और जाप।
सुबह 7:30 बजे: पांडूक शिलापर अभिषेक, शांतिधारा और नित्यपूजा।
सुबह 9:00 बजे: श्री गणाचार्य गुरुदेव का पूजन और मंगल प्रवचन।
दोपहर 1:00 बजे: विशेष कार्यक्रम और मंगल प्रवचन।
रात 7:00 बजे: मुख्य मंडप में आरती, शास्त्र प्रवचन और शची इंद्राणी द्वारा ‘जिनबालक’ का श्रृंगार।
विशेष आकर्षण:
कल के समारोह में दिव्य वस्त्राभूषण, कर्णवेध (कान छेदना), नामकरण संस्कार, अंगूठे से मधुप्राशन, इंद्र का आनंद नर्तन, भगवान का पालना सोहला, बाललीला और कुमारक्रीड़ा जैसे मनमोहक प्रसंगों का सजीव चित्रण किया जाएगा।






