रायपुर (विश्व परिवार)। केन्द्र की मोदी सरकार एक तरफ मजदूरों को संगठित होने,आठ घंटा काम,अतिरिक्त काम का प्रति घंटा दोगुना वेतन,भविष्य निधि,पेंशन जैसे कानूनी सुरक्षा देने वाले 44 श्रम कानूनों में से 29कानूनों को खत्म कर चार श्रम संहिता के माध्यम से लाखों मजदूरों को श्रम कानून के दायरे से बाहर कर कार्पोरेट उद्योगपति के गुलाम बनाने का काम किया है, वहीं करोड़ों ग्रामीण एवं खेतिहर मजदूरों को मनरेगा कानून को और मजबूत और विस्तार करने के बजाए खत्म कर विकसित भारत ग्राम जी योजना बनाकर रोजगार पाने के कानूनी अधिकार से वंचित कर दिया है।किसानों को बर्बाद कर देने के लिए खेती और इससे जूडे बाजार को देशी-विदेशी कार्पोरेट के हवाले कर देने कृषि विपणन पर राष्ट्रीय नीति की रूपरेखा संबंधित दस्तावेज के अनुरूप राज्य सरकारों को कानून बनाने निर्देशित किया गया है। यह सब इंतजाम करने में मोदी सरकार लगातार लगी ही हुई थी कि अमेरिकी राष्ट्राध्यक्ष ट्रंप के हवाले खबर आई कि कृषि बाजार पर अमेरिका-भारत ब्यापार समझौता हुआ है।इसके मुताबिक भारत अमेरिकी माल आयात करने पर कोई टैक्स नहीं लेगा परन्तु अपनी उत्पादित माल अमेरिका निर्यात करने पर 18%टैक्स देगा,इतना ही नहीं इंधन और पेट्रोल- डीजल भी अमेरिका के निर्देशानुसार खरीदना होगा।रूस आदि देशों के तमाम समझौता रद्द करना होगा।ऐसा समझौता देश की सम्प्रभुता को ही मटियामेट करता नजर आ रहा है।
इसलिए ट्रेड यूनियनों का संयुक्त मंच ने 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल करने का निर्णय किया है।इस निर्णय का संयुक्त किसान मोर्चा ने पूरजोर समर्थन किया है।
इसी कडी में छत्तीसगढ किसान महासभा और पेनड्रावन जलाशय बचाओ किसान संघर्ष समिति ने बंगोली-मूरा रोड में अपरान्ह 3बजे एक प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है।क्षेत्र के तमाम मेहनतकश किसान, मजदूर, छात्र,महिला,नौजवान को इस प्रदर्शन में शामिल होने की अपील प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से की गई है।





