रायपुर (विश्व परिवार)। छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का अब तक का सबसे बड़ा बजट प्रस्तुत किया। इस बजट में विशेष रूप से नक्सल प्रभावित बस्तर और सरगुजा अंचल के विकास पर जोर दिया गया है, वहीं शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक योजनाओं के लिए भी बड़े प्रावधान किए गए हैं।
बजट में बस्तर क्षेत्र को नई दिशा देने के उद्देश्य से अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो एजुकेशन सिटी स्थापित करने की घोषणा की गई है, जिनके लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बस्तर में होम स्टे योजना हेतु 10 करोड़ और सरगुजा के मैनपाट में पर्यटन विकास के लिए 5 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं। इंद्रावती नदी पर बैराज निर्माण के लिए 2400 करोड़ रुपए का बड़ा प्रावधान किया गया है, जिससे सिंचाई और जल संसाधन को मजबूती मिलेगी।
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के तहत बस्तर, सरगुजा और दंतेवाड़ा में मेडिकल कॉलेज संचालन के लिए 50 करोड़ रुपए तथा चिकित्सकों की भर्ती का भी प्रावधान किया गया है। आयुष्मान योजना के लिए 1500 करोड़ और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 2000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। वहीं मितानिन कल्याण निधि के लिए 350 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं।
राजधानी रायपुर में होम्योपैथी कॉलेज की स्थापना, खाद परीक्षण लैब निर्माण और अंडरग्राउंड बिजली लाइन के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। साथ ही मेट्रो रेल परियोजना के लिए सर्वे एजेंसी तय करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। एयरपोर्ट विकास के लिए सीजी वायु योजना के तहत 30 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं।
ग्रामीण और शहरी विकास को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री द्रुतगामी सडक़ संपर्क योजना के लिए 200 करोड़, 206 गांवों को शहरों से जोडऩे के लिए 250 करोड़ और नगरपालिका एवं नगर पंचायतों के विकास के लिए 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 800 करोड़ रुपए भी निर्धारित किए गए हैं।
महिला सशक्तिकरण के तहत 75 करोड़ रुपए से 250 महतारी सदन बनाए जाएंगे। वहीं 500 आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए 42 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में पेंशन के लिए 1422 करोड़ और खाद्यान्न योजना के लिए 5000 करोड़ रुपए रखे गए हैं।
शिक्षा क्षेत्र में विश्वविद्यालयों के लिए 731 करोड़, उद्योग विभाग के लिए 1750 करोड़ और लोक निर्माण विभाग के लिए 9450 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। कॉलेजों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना, 25 नए कॉलेज भवनों के निर्माण और 5 शासकीय महाविद्यालयों को उन्नत बनाने की योजना भी बजट में शामिल है। इसके अलावा मेगा परीक्षा केंद्रों की स्थापना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विस्तार और प्रतियोगी परीक्षाओं में आर्थिक सहायता के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं।
तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के तहत एआई सेंटर की स्थापना के लिए 35 करोड़ रुपए और मेकाहारा में एआई आधारित सुविधाओं के लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है।
कुल मिलाकर यह बजट राज्य के सर्वांगीण विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार, शिक्षा-स्वास्थ्य सुधार और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्विकास पर केंद्रित नजर आता है, जिससे प्रदेश को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।





