बिलासपुर (विश्व परिवार)। अटल विश्वविद्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कुलपति अरुण दिवाकर नाथ बाजपेयी ने विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों, अपने कार्यकाल की उपलब्धियों तथा आगामी कुलपति सम्मेलन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संपन्न कार्यपरिषद की बैठक में शैक्षणिक सत्र 2027–28 के बजट पर विचार-विमर्श किया गया। प्रस्तावित बजट के अनुसार विश्वविद्यालय की अनुमानित आय ?54 करोड़ तथा व्यय ?63 करोड़ आंका गया है, जिससे ?9 करोड़ का घाटा परिलक्षित हो रहा है। यह घाटा मुख्यत: बुनियादी ढांचे, शोध एवं शैक्षणिक विस्तार में निवेश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बैठक में विश्वविद्यालय के शोधपीठों के निदेशकों की नियुक्ति को स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय के सभी औपचारिक कार्यक्रमों का शुभारंभ कुलगीत से तथा समापन राष्ट्रगीत से किया जाएगा। प्रो. बाजपेयी ने अपने कार्यकाल (जो 22 फरवरी 2026 को पूर्ण हो रहा है) की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि इस अवधि में विश्वविद्यालय ने 57 राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) संपन्न किए, 5 शोधपीठों की स्थापना की तथा 21 नए विभागों के गठन का प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का प्रथम किसी राज्य विश्वविद्यालय में आगमन अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में हुआ, जो संस्थान के लिए गौरव का विषय है।उन्होंने बताया कि 5 फरवरी 2022 को नए परिसर में स्थानांतरण के पश्चात अधोसंरचना विकास में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।विश्वविद्यालय की संचित निधि ?2 करोड़ से बढ़ाकर ?10 करोड़ तक सुदृढ़ की गई तथा प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम उषा) के अंतर्गत ?20 करोड़ की राशि विभिन्न विकास कार्यों हेतु प्राप्त हुई। शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए नए संकाय सदस्यों की नियुक्ति की गई। वर्तमान में छात्रावास सहित लगभग ?100 करोड़ के निर्माण एवं विकास कार्य प्रगतिरत हैं। ?9 करोड़ की लागत से ट्रांजिट गेस्ट हाउस निर्माण हेतु शासन के साथ अंतिम चरण की चर्चा जारी है। अपने कार्यकाल के दौरान विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय दृष्टि को सशक्त बनाने के उद्देश्य से फिजी एवं लंदन की आधिकारिक यात्राएँ भी की गईं।उन्होंने आगे बताया कि 21 एवं 22 फरवरी 2026 को विश्वविद्यालय में कुलपति सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जिसका मुख्य विषय समग्र विकास के लिए विश्वविद्यालयों का रूपांतरण है। इस सम्मेलन में देशभर के 41 कुलपति सहभागिता करेंगे। सम्मेलन में छात्र-केंद्रित शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, अनुसंधान एवं नवाचार, डिजिटल तकनीकों का समावेशन, उद्योग–अकादमिक सहयोग तथा बहुविषयक शिक्षा जैसे विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श होगा।इस अवसर पर यह भी उल्लेख किया गया कि छत्तीसगढ़ के राज्यपाल का विश्वविद्यालय आगमन प्रस्तावित है, जो उनका चौथा आगमन होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे गौरवपूर्ण अवसर बताते हुए उच्च शिक्षा के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया है।





