- खेत का निरीक्षण कर की दोषी पर कड़ी कार्रवाई की मांग
- कहा सप्लाई के नेटवर्क का भी होना चाहिए खुलासा
भिलाई (विश्व परिवार)। दुर्ग जिले के समोदा गांव में भाजपा नेता के खेत में अफीम की अवैध खेती के खुलासा होने के बाद आज पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मौके पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। जांच कर दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए नशे के नेटवर्क का भी खुलासा किया जाना जरूरी है। श्री बघेल के आने की सूचना पर भारी संख्या में ग्रामीण भी खेत में पहुंच गए जिन्हें पुलिस ने रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच झूमाझटकी भी हुई। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है। वहीं मामला उजागर होते ही भाजपा ने खेत के मालिक और संगठन में किसान मोर्चा पदाधिकारी विनायक ताम्रकार को पार्टी से निलंबित कर दिया है।
खेत में अफीम बोये जाने की पुलिस को सूचना मिलने के बाद 6 मार्च को जिला व पुलिस प्रशासन ने छापामार कार्यवाही शुरू किया था। जिसमें करीब डेढ़ एकड़ में अफीम के पौधे बरामद हुए। अंधेरा हो जाने से रात में कार्यवाही रोक दिया गया। आज फिर से जिला व पुलिस प्रशासन की टीम ने आबकारी, एफएसएल और कार्यपालक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में अपनी जांच की कार्यवाही को जारी रखा। इसी दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वहां पहुंचे। श्री बघेल ने कहा कि भाजपा नेता कर विनायक ताम्रकार के अवैध कारोबार को बच्चों ने भंडाफोड़ दिखाया है। होलिका दहन के लिए लकड़ी चुनने आए बच्चों ने अनूठे तरह के फूल और फल लगे पौधों का वीडियो बनाकर वायरल नहीं किया होता तो अफीम की खेती का पता नहीं लगता। उन्होंने कहा कि 9 मार्च को विधानसभा में वे इस मामले में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाएंगे। उल्लेखनीय है कि जेवरा सिरसा थाना क्षेत्र के ग्राम समोदा में मधुमति ताम्रकार और प्रीति बाला ताम्रकार के खेत में अफीम की खेती की जा रही थी। यहां ऊपर से मक्का और बीच में अफीम साथ में बोई गई। इतने बड़े पैमाने पर अफीम की खेती से जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन सकते में हैं। फिलहाल खेत के मालिक विनायक ताम्रकार व यहां खेती करने वाले राजस्थानी व्यक्तियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
दर असल अफीम की खेती का जानकारी गांव के सरपंच अरुण गौतम को वाट्सएप पर एक फोटो देखकर शक हुआ। इसके बाद गूगल मैप से इसकी जांच की गई तो अफीम की खेती की पुष्टि हुई। 5 मार्च को सरपंच के माध्यम से जेवरा सिरसा पुलिस चौकी में सूचना दी गई और फोटो भी भेजे गए। सरपंच ने पुलिस को बताया कि मक्के की फसल की आड़ में अफीम की खेती की जा रही थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस व प्रशासन की टीम ने रेड की। शुक्रवार को रात होने के कारण जांच रोकी गई है। शनिवार को फिर से खेत की जांच शुरू की गई।
पुलिस के अनुसार ग्राम समोदा और झेंजरी के पास स्थित खसरा नंबर 310 की यह जमीन मधुमति ताम्रकार और प्रीति बाला ताम्रकर की है। कुल 9 एकड़ 92 डिसमिल जमीन पर खेती हो रही है। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो पाया कि डेढ़ से दो एकड़ जमीन पर अफीम की फसल है। 4 से 5 एकड़ में मक्के की फसल लगी हुई है और इसके बीच अफीम की खेती की जा रही थी। पुलिस को मक्के की फसल के बीच अफीम के पौधे लगे मिले। इसके बाद पुलिस ने मौके पर तहसीलदार और आरआई को बुलाया। इसके बाद कलेक्टर और प्रशासन की टीम भी खेत में पहुंची। खेत में लगी फसल का निरीक्षण किया गया और सैंपल इकट्ठे किए गए। समोदा गांव के सरपंच अरुण गौतम ने बताया कि यह जमीन विनायक और बृजेश ताम्रकार की है। उनके परिवार के कई लोगों के नाम पर यह जमीन दर्ज है। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले ही उन्हें इसकी जानकारी मिली थी, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। व्हाट्सऐप पर एक फोटो आने के बाद ही इस खेती के बारे में पता चला।





