रायपुर (विश्व परिवार)। वर्ष 2026-27 का राज्य बजट छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 को राष्ट्रीय लक्ष्य विकसित भारत 2047 से समेकित करते हुए प्रस्तुत किया गया है। यह बजट स्पष्ट करता है कि छत्तीसगढ़ कृषि.आधारित ज्ञान अर्थव्यवस्था के रूप में उभरते भारत की विकास यात्रा में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कृषि क्षेत्र के लिए 13,507 करोड़ रुपये का प्रावधान कृषक उन्नति योजना हेतु 10,000 करोड़ रुपये तथा सिंचाई, ऊर्जा सब्सिडी और फसल बीमा जैसी पहलों से उत्पादकता, जोखिम प्रबंधन और आय संवर्धन को सुदृढ़ आधार मिलेगा। यह दृष्टिकोण केवल उत्पादन वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण और निर्यात क्षमता को बढ़ाने की दिशा में भी संरचित है।
शिक्षा और अनुसंधान अवसंरचना को सुदृढ़ करने हेतु प्रावधान अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, जीनोमिक्स एवं बायोटेक्नोलॉजी सुविधाएँ, स्मार्ट क्लासरूम,,स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर तथा कौशल विकास प्लेटफॉर्म विकसित होंगे। यह निवेश दीर्घकाल में मानव संसाधन गुणवत्ता, अनुसंधान उत्पादकता और तकनीकी हस्तांतरण की क्षमता को कई गुना बढ़ाएगा।
हमें यह साझा करते हुए गर्व है कि विश्वविद्यालय को भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र BARC का क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि नाभिकीय प्रौद्योगिकी आधारित फसल सुधार, म्यूटेशन ब्रीडिंग, उच्च उत्पादक एवं जलवायु.सहिष्णु किस्मों के विकास में केंद्रीय भारत को नेतृत्व प्रदान करेगी। इससे नई उन्नत फसल प्रजातियों का विकास होगा, जो न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि समूचे मध्य भारत के लिए गेम.चेंजर सिद्ध होंगी।
बजट में मुख्यमंत्री AI मिशन तथा स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन के माध्यम से उभरती प्रौद्योगिकियों को प्रोत्साहन दिया गया है। विशेष रूप से Generative AI का कृषि में उपयोग -जैसे प्रेडिक्टिव क्रॉप मॉडलिंग, रोग पहचान, जल प्रबंधन सिमुलेशन, बाजार पूर्वानुमान और निर्णय समर्थन प्रणाली -नई क्रांति का आधार बनेगा। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय इस दिशा में डिजिटल कृषि, प्रिसिजन फार्मिंग और डेटा.चालित अनुसंधान को प्राथमिकता देगा।
बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्रों में कृषि.वानिकी, खाद्य प्रसंस्करण और जनजातीय आजीविका सशक्तिकरण के लिए विशेष प्रावधान क्षेत्रीय संतुलन और समावेशी विकास को गति देंगे। कृषि शिक्षा, अनुसंधान और विस्तार(Extension) के त्रिस्तरीय मॉडल को मजबूत करते हुए विश्वविद्यालय लैब टू लैंड तंत्र को और प्रभावी बनाएगा, जिससे नवाचार सीधे किसानों तक पहुंचे।
यह बजट स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ अंजोर और विकसित भारत 2047 की परिकल्पना में कृषि केवल एक क्षेत्र नहीं बल्कि विकास का केंद्रीय स्तंभ है। राज्य सरकार द्वारा शिक्षा अवसंरचना, अनुसंधान सुदृढ़ीकरण और प्रौद्योगिकी समावेशन पर दिया गया बल भविष्य में छत्तीसगढ़ को कृषि नवाचार, उत्पादकता और ग्रामीण समृद्धि के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाएगा।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय राज्य शासन के साथ पूर्ण समन्वय में इस परिवर्तनकारी यात्रा में अपनी शैक्षणिक, वैज्ञानिक और विस्तार सेवाओं के माध्यम से सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।





