नई दिल्ली (विश्व परिवार)। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की वजह से देश पर एलपीजी गैस की किल्लत का खतरा मंडरा रहा है. हालांकि केंद्र सरकार ने दावा किया है कि देश में किसी तरह की कमी नहीं है। इस बीच संसद में एलपीजी गैस के मुद्दे पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। विपक्ष ने सोमवार को केंद्र सरकार से इसको लेकर जवाब भी मांगा. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि संसद में इस मसले पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन तभी केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने उन्हें टोक दिया. इस बीच जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर हमला बोल दिया।
राज्यसभा में खरगे ने गैस की दिक्कत पर सवाल उठाया. इसके जवाब में नड्डा ने कहा, ‘कांग्रेस विपत्तिकाल में भी राजनीति करने से पीछे नहीं हट रही है. यह विपत्ति भारत के कारण नहीं आई है, जो अंतरराष्ट्रीय स्थिति हुई है, इसकी वजह से यह क्राइसिस आई है. इसके बारे में हरदीप पुरी ने हाउस में पूरी बात कही है।
कांग्रेस पर जनता को उकसाने का लगाया आरोप
नड्डा ने कांग्रेस पर लोगों को उकसाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस का नेता सिलेंडर की होर्डिंग में पकड़ा गया है. इन्होंने होर्डिंग की है, ये जनता को उकसाने का काम कर रहे हैं. ये ऐसी परिस्थिति में राजनीति से बाज नहीं आते हैं।
एलपीजी और तेल के संकट पर केंद्र सरकार ने क्या कहा
सरकार की तरफ से हाल ही में दावा किया गया है कि देश में घरेलू एलपीजी रिफिल बुकिंग में गिरावट आई है और यह अब लगभग 77 लाख पर पहुंच गई है, जबकि 13 मार्च को यह 88.8 लाख थी। मीडिया की खबर के मुताबिक सरकार ने कहा है कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह से सुरक्षित है और किसी तरह की कमी नहीं है।
बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच बीते कई दिनों से युद्ध चल रहा है. ईरान ने युद्ध की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर रोक लगा दी है. यह वह रास्ता है, जहां से भारत समेत कई देशों के जहाज गुजरते हैं। हालांकि ईरान ने हाल ही में दो भारतीय जहाजों को निकलने का रास्ता दे दिया. ये जहाज जल्द ही भारत पहुंचेंगे।





