- कई शहरों में धमाके, ईरान ने पलटवार कर 400 मिसाइलें दागी सुप्रीम लीडर खामेनेई सुरक्षित जगह शिफ्ट
नई दिल्ली (विश्व परिवार)। इजराइल ने ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों पर हमला कर दिया है। भारतीय समय के मुताबिक शनिवार सुबह तेहरान समेत कई शहरों में धमाके सुने गए हैं और हवाई हमलों के सायरन बज रहे हैं। अब तक तेहरान में जिन जगहों पर हमले की खबर है, उनमें खुफिया मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, सुप्रीम लीडर खामेनेई का ऑफिस और ईरान का परमाणु ऊर्जा संगठन शामिल हैं। हमले के बाद खामेनेई को सुरक्षित जगह शिफ्ट कर दिया गया है। ईरान ने भी इजराइल पर जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने पलटवार करते हुए करीब 400 मिलाइलें दागी हैं। इजराइल ने ईरान के खिलाफ अपने नए अभियान का नाम % लियोनस् रोर% (शेर की दहाड़) रखा है। वहीं अल जजीरा ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि यह अमेरिका और इजराइल का जॉइंट मिलिट्री एक्शन है। यह हमला ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु हथियारों को लेकर चल रही बातचीत के बीच हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर हमले की धमकी दी थी। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई का मकसद अमेरिका और उसके लोगों को खतरे से बचाना है।
ट्रम्प के मुताबिक, अमेरिकी सेना ईरान की मिसाइलों को तबाह करने और उसके मिसाइल प्रोग्राम को खत्म करने की कोशिश कर रही है। ट्रम्प ने इस्लामिक रिवोल्यूशन गाईस से कहा है कि वे आत्मसमर्पण कर दें। उन्होंने वादा किया कि ऐसा करने पर उन्हें पूरी माफी दी जाएगी। हालांकि अभी जो कार्रवाई चल रही है, वह ज्यादातर हवाई हमलों की है। जमीन पर ऐसी कोई स्थिति नहीं है, जहां वे जाकर औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण कर सकें। इजराइल के उत्तरी हिस्से में धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। उस समय इजराइली एयर सिस्टम ईरान से आई मिसाइलों को रोकने की कोशिश कर रहा था। इजराइली सेना का कहना है कि डिफेंस ईरान से दागी गई मिसाइलों को इजराइल की और आते हुए देखा गया, जिसके चलते देश के कई इलाकों में सायरन बजाए गए। इसमें कहा गया है, ‘जनता से अनुरोध है कि वे सरकार के निर्देशों का पालन करें। इस समय, इजराइली वायु सेना खतरों को रोकने और जहां आवश्यक हो, उन पर हमला करने के लिए अभियान चला रही है ताकि खतरे को समाप्त किया जा सके। ‘ईरान पर हमले से पहले, इजराइल में तैयारियों को पूरी तरह गुप्त रखा गया था। इजराइली मीडिया वाईनेट के मुताबिक पिछले एक महीने से, चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर और वायु सेना कमांडर जनरल तोमर बार ने ऑपरेटरों के साथ बेहद सख्त और गोपनीय तरीके से व्यक्तिगत बातचीत और ब्रीफिंग की थी।
ईरान-अमेरिका के बीच बैलिस्टिक मिसाइल पर विवाद चल रहा था
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर हमले की धमकी दी थी। अमेरिकी सेना पहले ही ईरान को चारों तरफ से घेर चुकी है। इससे पहले शुक्रवार को अमेरिका ने अपने नागरिकों से तुरंत इजराइल छोड़ने के लिए कहा था। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही परमाणु समझौते की बातचीत में बैलिस्टिक मिसाइल प्रोजेक्ट सबसे बड़ा विवाद का मुद्दा बन गया है। ईरान इस पर बिल्कुल भी समझौता करने को तैयार नहीं है और इसे अपनी रेड लाइन मानता है।
ईरान का कहना है कि यह उसके बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम रक्षा के लिए जरूरी है। ईरान का कहना है कि जून 2025 में इजराइल और अमेरिका ने ईरान के परमाणु साइटों पर हमला किया, तब ईरान की मिसाइलों ने ही उसकी रक्षा की। ईरानी अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि मिसाइल कार्यक्रम पर कोई बात नहीं होगी। यह ईरान की रक्षात्मक क्षमता है और इसे छोड़ना मतलब खुद को कमजोर करना होगा।
ईरान की मौजूदा सरकार से पूरी दुनिया को खतरा-नेतन्याहू
नेतन्याहू ने अमेरिका-इजराइल के हमलों के बाद अपने पहले वीडियो मैसेज में तेहरान में शासन बदलने की बात कही। उन्होंने ईरान की जनता से कहा कि वे जुल्म के बोझ को हटाएं और एक आजाद और शांतिपूर्ण ईरान बनाएं। उनके मुताबिक, अमेरिका-इजराइल के हमले ऐसे हालात बनाएंगे, जिससे ईरान के लोग अपना भविष्य खुद तय कर सकें।





