बलौदाबाजार (विश्व परिवार)। जिले से सटे ग्राम पंचायत लिमाही में प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर परियोजना को लेकर ग्रामीणों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। गुरुवार को ग्रामीणों ने चक्काजाम कर अपनी नाराजगी जाहिर की थी, वहीं शुक्रवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। हालांकि पुलिस ने उन्हें मुख्य द्वार पर ही रोक दिया, जिससे लोगों में आक्रोश की स्थिति बन गई।
ग्रामीणों का कहना है कि ट्रांसपोर्ट नगर निर्माण को लेकर न तो पूर्व में कोई सूचना दी गई और न ही ग्राम पंचायत से इस संबंध में कोई प्रस्ताव पारित कराया गया। जिस स्थान पर निर्माण कार्य प्रस्तावित है, वहां गांव का तालाब और श्मशान भूमि स्थित है। ग्रामीणों के अनुसार तालाब का उपयोग महिलाएं स्नान एवं घरेलू कार्यों के लिए करती हैं, जबकि समीप स्थित श्मशान भूमि अंतिम संस्कार के लिए उपयोग में लाई जाती है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इन पारंपरिक स्थलों को पाटकर ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करने की तैयारी की जा रही है, जिसका वे पुरजोर विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि ट्रांसपोर्ट नगर बनने से क्षेत्र में बाहरी वाहनों और लोगों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे सामाजिक वातावरण प्रभावित हो सकता है। साथ ही शराब बिक्री में वृद्धि और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है।
कलेक्टर कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों को पुलिस ने मुख्य गेट पर रोक दिया। बाद में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को भीतर जाकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की अनुमति दी गई।
प्रतिनिधियों ने ज्ञापन में परियोजना पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे उच्च स्तर तक अपनी बात पहुंचाएंगे और आवश्यक होने पर न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएंगे। उनका कहना है कि बिना ग्राम सभा की सहमति ट्रांसपोर्ट नगर का निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा।






