नई दिल्ली

विश्व युवक केंद्र ने अलग अंदाज में मनाया शहीद दिवस

नई दिल्ली (विश्व परिवार)। राजधानी में विश्व युवक केंद्र ने शहीद दिवस के अवसर पर “शहीदों की कुर्बानी, देश की अमर कहानी” विषय पर बेहद प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन केंद्र मुख्यालय सभागार में किया, जिसमें 200 युवा प्रतिभागियों ने भाग लिया। तीन सत्रों में इसमें युवाओं के बीच शहीदों के बलिदान, राष्ट्रभक्ति और जिम्मेदार नागरिकता की भावना को सशक्त करने के लिए प्रेरक व्याख्यान और प्रस्तुति हुई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और पूर्व सांसद के.सी. त्यागी ने अपने संबोधन में युवाओं से शहीदों का आदर्शों अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उनका कहना था कि केवल इतिहास का स्मरण नाकाफी है, युवाओं को उन मूल्यों को अपने जीवन में उतार कर जिम्मेदार नागरिक बनना होगा। उन्होंने राष्ट्रीय चेतना, जागरूकता और देश के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया।
मुख्य वक्ता और वरिष्ठ पत्रकार तथा लेखक अरविंद कुमार सिंह ने शहीदों के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने युवाओं को साहस, दृढ़ता और जिम्मेदारी के साथ अपने जीवन में राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को अपनाने के लिए प्रेरित किया था VYK की लाइब्रेरी में हमारे भगत सिंह और शहीद रामनारायण आजाद पर पुस्तकों का भेंट स्वरूप दी और युवाओं से अपील की कि वे लगातार पढ लिख कर अपने को मजबूतच करें।
वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखिका सुश्री नीलम गुप्ता ने तकनीक को सकारात्मक बदलाव और सामूहिक प्रगति के माध्यम के रूप में उपयोग करने पर जोर दिया।
मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की निदेशक डॉ. अलका अग्रवाल, ने युवाओं को शहीदों के जीवन से सीख लेकर समर्पण और उद्देश्य के साथ राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
उद्घाटन सत्र में शहीदों की विरासत को संजो कर रखने का संदेश भी वक्ताओं ने दिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कवि सम्मेलन रहा, जिसमें देश के प्रतिष्ठित कविगणों ने वीर रस और राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत कविताओं के माध्यम से शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
विश्व युवक केंद्र के CEO, उदय शंकर सिंह ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करने का हमारा उद्देश्य युवाओं को देश के प्रति उनकी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना, शहीदों के बलिदान और आदर्शों से जोड़ना तथा उनमें राष्ट्र निर्माण की भावना को सशक्त करना है। उन्होंने कहा कि जब युवा शहीदों के त्याग, साहस और समर्पण को समझते हैं, तभी वे एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम का सफल संचालन विश्व युवक केंद्र की पूरी टीम के सहयोग से किया गया, जबकि इस कार्यक्रम का समन्वय (Coordinator) आलोक वत्स द्वारा प्रभावी रूप से किया गया।

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