नई दिल्ली (विश्व परिवार)। चीन (तिब्बत)-नेपाल सीमा पर 26 अगस्त की सुबह आई फ्लैश फ्लड में अबतक 180 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं 1000 से अधिक लोग लापता हैं, जिसमें से 200 से अधिक भारतीय हैं। मुसीबत की इस घड़ी में भारत ने अपने पुराने दोस्त नेपाल की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। नेपाली पीएम बालेन शाह (Balen Shah) की मदद की विनती पर भारत ने नेपाल को राहत सामग्री भेजी है। भारत की मदद पर नेपाली पीएम बालेन शाह ने पीएम नरेंद्र मोदी को शुक्रिया कहा (Nepali PM Balen Shah Thank you PM Narendra Modi) है। उन्होंने उन्होंने नेपाल की सहायता करने के लिए तारीफ भी की है।
बता दें कि पड़ोसी देश नेपाल में अचानक आई जबरदस्त बाढ़ के बाद भारत ने मदद के रूप में पहली खेप भेज दी है। बुधवार रात (26 अगस्त की रात) भारतीय वायुसेना के C-130J विमान से करीब 10 टन मानवीय सहायता और जरूरी मेडिकल सामान काठमांडू पहुंचा। इसमें अस्थायी आश्रय, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाइयां शामिल थीं।
वहीं भारत ने आज गुरुवार सुबह दिल्ली के हिंडन एयरबेस से C-17 सैन्य परिवहन विमान के जरिए 35-37 टन राहत सामग्री नेपाल भेजा है। यह राहत अभियान भारत की तरफ से भेजी जा रही अतिरिक्त मानवीय सहायता का हिस्सा है। भारतीय दूतावास ने कहा है कि भारत हमेशा नेपाल के साथ है और हर संभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर राहत सामग्री भेजने का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा- दूसरी फ़्लाइट अभी-अभी नेपाल के लिए 37.5 टन HADR सामान, दवाइयां और खाने के पैकेट लेकर उड़ी है। भारत नेपाली अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। हम चल रहे राहत कामों में पूरा सपोर्ट करते रहेंगे।
A second flight has just taken off, carrying 37.5 tonnes of HADR material, medicines & food packets for Nepal.
India remains in close and continuous touch with the Nepalese authorities. We will continue to strongly support the ongoing relief efforts.
🇮🇳🇳🇵 pic.twitter.com/4m46leqfkC
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) August 27, 2026
जबकि भारतीय वायुसेना ने राहत सामग्री भेजने का इमेज शेयर करते हुए लिखा- नेपाल में आई भयानक बाढ़ से निपटने के लिए, #IAF ने तेज़ी से एक C-130J एयरक्राफ्ट भेजा है जिसमें 10 टन ज़रूरी राहत का सामान और मेडिकल सप्लाई है।C-17 और C-130 एयरक्राफ्ट से और हवाई मदद से और राहत का सामान पहुंचाया जाएगा, साथ ही बचाव और लोगों को निकालने के काम के लिए हेलीकॉप्टर भी रखे गए हैं। आसमान से ज़मीन तक—तेज़ी, फुर्ती और सटीकता से मदद करते हुए, जब सबसे ज़्यादा ज़रूरत हो तब उम्मीद जगाते हुए।
भारत की मदद पर नेपाल ने जताया आभार
नई दिल्ली स्थित नेपाल दूतावास ने भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और विदेश मंत्री एस जयशंकर समेत भारतीय नेताओं की संवेदनाओं और समर्थन के लिए आभार जताया। दूतावास ने भारत सरकार और भारतीय लोगों को तुरंत मानवीय सहायता और नेपाल के अधिकारियों के साथ करीबी समन्वय के लिए धन्यवाद दिया। नेपाल ने कहा कि इस मुश्किल वक्त में भारत की एकजुटता, चिंता और मदद ने आपदा से प्रभावित लोगों को हौसला दिया है। भारत ने फ्लैश फ्लड के बाद नेपाल को राहत सामग्री और जरूरी मेडिकल सामान की खेप भेजकर हर संभव सहायता का भरोसा भी दिया है।
Thank you very much, Prime Minister @narendramodi, for your kind call and deep condolences.
We deeply appreciate your warm words of solidarity and your generous offer of assistance to Nepal during this difficult time.
This gesture of solidarity is a reflection of the enduring… https://t.co/VepX2UzxuG
— PMO (@PM_nepal_) August 26, 2026
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित देश में बचाव एवं राहत कार्यों के लिए हरसंभव मानवीय सहायता की पेशकश करने और एकजुटता व्यक्त करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया। पीएम मोदी ने उनसे फोन पर बातचीत की थी। बालेन शाह ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा-हम इस मुश्किल घड़ी में नेपाल के प्रति एकजुटता व्यक्त करने वाले आपके आत्मीय शब्दों और सहायता की उदार पेशकश की दिल से सराहना करते हैं। बालेन शाह ने कहा कि सहयोग का यह भाव हमारे दोनों देशों के बीच दोस्ती के मजबूत रिश्तों को दिखाता है, जिन्हें हम बहुत महत्व देते हैं. इससे पहले, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने बालेन शाह से बात की और नेपाल में बाढ़ से हुई मौतों पर दुख जताया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत नेपाल को हर संभव मानवीय मदद देने के लिए तैयार है और भारतीय टीमें बचाव एवं राहत कार्यों में मिलकर काम कर रही हैं।







