छत्तीसगढ़रायपुर

आदिवासी नेता की मौत को लेकर सदन में हंगामा

  • दोषी अधिकारियों एंव कर्मचारियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए-भूपेश
  • न्यायिक जांच के चलते विस के समिति से प्रकरण की जांच नहीं करायी जा सकती गृहमंत्री
  • सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हुई नोंकझोंक और नारेबाजी
  • कांग्रेस के सदस्यों ने सदन से किया वाकआउट

रायपुर (विश्व परिवार)। विस में आज आदिवासी नेता एवं कांकेर जिले के पूर्व जनपद अध्यक्ष की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला गुंजा। पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस विधायक भूपेश बघेल ने सदन में यह मामला उठाया और उन्होंने जानना चाहा कि किन संदिग्ध परिस्थितियों में आदिवासी नेता की मौत हो गई। गृहमंत्री द्वारा तथ्यों पर आधारित जवाब को उन्होंने सही नहीं बताया इसको लेकर आज सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों में जमकर नारेबाजी हुई। विपक्ष ने सरकार का जवाब संतोषपूर्वक नहीं मिलने से सदन पर वाकआउट कर दिया। विपक्षी सदस्यों ने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर सरकार के विरुद्ध नारे लगाए।
विस के चौथे दिन कांकेर के पूर्व जनपद अध्यक्ष एवं आदिवासी नेता जीवन ठाकुर की सेंट्रल जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला कांग्रेस नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री विधायक भूपेश बघेल ने उठाया। उन्होंने जानना चाहा कि जेल में निरुद्ध किये गये आदिवासी नेता की मौत के लिए कौन जिम्मेदार है तथा इस पर दोषी अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की जा रही है क्या इसकी जांच विस समिति की सदस्यों से कराई जाएगी। गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि इस पूरे मामले की न्यायिक जांच चल रही है इसलिए इस प्रकरण की जांच विस की समिति नहीं कराई जा सकती। विजय शर्मा ने बताया कि आदिवासी नेता को अलग अलग तिथियों में विभिन्न प्रकरणों जैसे वन अधिकार पट्टा सहित अन्य मामलों में गड़बड़ी पाये जाने पर गिरफ्तार किया गया। इतना ही नहीं इनके साथ आठ लोग भी गिरफ्तार किये गये। समय समय पर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया वे शुगर के मरीज थे इसलिए चिकित्सकों ने समय समय पर भोजन करने तथा अपना इलाज कराने के लिए कांकेर अस्पताल में भेजा। गृहमंत्री ने कहा कि जांच के दौरान इस बात के सबूत मिले है कि वे कतिपय कारणों से अपना शूगर बढ़ाना चाहते थे। वे अपने स्वास्थ्य के प्रति सतर्क नहीं थे जिसके कारण शुगर बढ़ गया।
कांग्रेस के भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि विधायक अनिला भेडिय़ां एवं सावित्री मंडावी उनसे मिलने कांकेर जेल गई थी लेकिन जेलर ने उन्हें नहीं मिलने दिया। भूपेश बघेल ने कहा कि उनका लडक़ा भी साथ में था लेकिन बेटों को अलग कर दिया। गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जेल में उनका उचित देखभाल किया गया एवं इस पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच करायी जा रही है। उन्होंने बताया कि जेल में अलग अलग वर्षों में कैदियों की मरने की संख्या अलग अलग है। कैदियों की मौत की न्यायिक जांच होती है। श्रीमती मंडावी ने आरोप लगाया कि यह मामला मेरे क्षेत्र का है आदिवासी नेता की मौत की जानकारी इनकी परिजनों को विलंब से दी गई। गृहमंत्री ने कहा कि यह कथन असत्य है उन्होंने कहा कि इस पूरे मामलो को सरकार गंभीरता से ले रही है। इस पूरे मामले की जांच होने के बाद सही तथ्यों का पता चलेगा तथा दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन विपक्ष सदस्य नहीं माने।
सदन में जमकर नारेबाजी
विस में आज प्रश्रकाल के दौरान इस पूरे मामले में आधे घंटे से अधिक समय पर चर्चा हुई। सभापति धरमलाल कौशिक ने कहा कि अन्य विधायकों के भी प्रश्र है। लेकिन कांग्रेस विधायक भूपेश बघेल नहीं माने लेकिन पूरे मामले की जांच में विधान सभा के सदस्यों की समिति से कराने की मांग रखी लेकिन सभापति ने इंकार कर दिया। जिसको लेकर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष द्वारा जमकर नारेबाजी की गई। विपक्ष के सदस्यों ने कहा कि सरकार की तानाशाही नहीं चलेगी नहीं चलेगी….। सत्ता पक्ष के लोगों ने भी इसके विरुद्ध नारेबाजी भी की। इसके पशचात विस में जमकर हो हल्ला हुआ। कांग्रेस के सदस्यों ने गृहमंत्री के जवाब से असंतुष्ठ होकर सदन में वाकआउट कर दिया।

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