छत्तीसगढ़जांजगीर-चांपा

वायरल वीडियो से खुला आत्महत्या का राज: पुलिस नहीं, युवक को फर्जी पुलिस बनकर दी गई थी धमकी

जांजगीर-चांपा (विश्व परिवार)। जिले में एक युवक की आत्महत्या का मामला सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद चर्चा में आ गया था। वीडियो में मृतक ने जांजगीर पुलिस पर प्रताडऩा का आरोप लगाया था, लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि युवक को धमकाने वाला कोई पुलिसकर्मी नहीं बल्कि उसके रूममेट की प्रेमिका का भाई था, जिसने खुद को पुलिस बताकर फोन पर धमकी दी थी। इसी मानसिक दबाव में युवक ने आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान सनत कुमार कश्यप (25 वर्ष) पिता धनीराम कश्यप, निवासी चोरभट्टी थाना मुलमला जिला जांजगीर-चांपा के रूप में हुई है। वह वर्तमान में अशोक लीलैंड वर्कशॉप, ग्राम पताढ़ी थाना उरगा में रह रहा था। 13 मार्च 2026 को उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उसने दावा किया था कि बलौदा थाना क्षेत्र की पंतोरा चौकी से फोन कर उसे गाली-गलौज कर प्रताडि़त किया गया, जिसके चलते वह आत्महत्या कर रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस पर सवाल उठने लगे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी रामगोपाल गर्ग ने एसपी विजय पांडे को जांच के निर्देश दिए। जांच में सामने आया कि मामला पुलिस प्रताडऩा का नहीं बल्कि आपसी विवाद से जुड़ा है।
लडक़ी के घर से जाने के बाद हुआ विवाद
पुलिस जांच में पता चला कि कोरबा जिले के ग्रेवराबस्ती निवासी सचिन खरे की बहन स्नेहा खरे (21 वर्ष) को देखने के लिए एक परिवार आने वाला था, लेकिन उससे एक दिन पहले 12 मार्च को वह कॉलेज जाने का कहकर घर से निकली और वापस नहीं लौटी। बाद में पता चला कि वह अपने मामा के बेटे धीरेन्द्र पाटले के साथ चली गई है। इस बात से नाराज होकर सचिन खरे ने धीरेन्द्र के रूममेट सनत कश्यप से संपर्क किया।
खुद को पुलिस बताकर दी धमकी
जांच में खुलासा हुआ कि सचिन खरे ने अपने रिश्तेदार शैलेन्द्र पाटले के मोबाइल नंबर से सनत कश्यप को फोन किया और खुद को पंतोरा चौकी का पुलिसकर्मी बताकर गाली-गलौज की तथा थाने में आने की धमकी दी। अचानक आए इस फोन कॉल से सनत कश्यप घबरा गया और मानसिक दबाव में आ गया। इसी दौरान उसने एक वीडियो रिकॉर्ड किया और बाद में आत्महत्या कर ली।
आरोपी गिरफ्तार, मामला दर्ज
वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच और पूछताछ शुरू की। जांच में सचिन खरे की भूमिका सामने आने पर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां उसने पुलिस बनकर फोन करने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद थाना बलौदा में अपराध क्रमांक 113/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 204 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
लडक़ी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज
इधर स्नेहा खरे की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना कुसमुंडा, जिला कोरबा में दर्ज कराई गई है। पुलिस इस मामले की भी अलग से जांच कर रही है। वहीं जांजगीर पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच जारी है।
इस मामले में वायरल वीडियो के चलते शुरुआत में पुलिस पर आरोप लगे थे, लेकिन विस्तृत जांच के बाद पूरी घटना की असली वजह सामने आ गई है।

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