रायपुर (विश्व परिवार)। स्वास्थ्य सेवाओं में उन्नत तकनीकों के एकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए All India Institute of Medical Sciences Raipur में 14 मार्च को “AI in Healthcare Conclave” का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में चिकित्सा, प्रौद्योगिकी और शोध संस्थानों के विशेषज्ञों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत गणमान्य अतिथियों के आगमन और पुष्प स्वागत से हुई, जिसके बाद डीन (रिसर्च) Dr. Abhiruchi Galhotra द्वारा स्वागत भाषण एवं परिचयात्मक सत्र प्रस्तुत किया गया। प्रारंभिक सत्र में All India Institute of Medical Sciences Raipur और Indian Institute of Technology Indore के विशेषज्ञों द्वारा परियोजना प्रस्तुतियाँ और तकनीकी चर्चाएँ आयोजित की गईं। प्रमुख प्रस्तुतियाँ डॉ. अदिति चंद्राकर, प्रो. अविनाश सोनवणे, प्रो. डी.के. त्रिपाठी, प्रो. श्रीवत्सन वासुदेवन, डॉ. धीरज राणे, प्रो. सुप्रवा पटेल, डॉ. सुनील जोंधले, डॉ. पुगाझेंथन थंगराजू, प्रो. चेलवन वेंकटेश तथा डॉ. अयान मोंडल द्वारा दी गईं।
इस दौरान Suhas S. Joshi, निदेशक, Indian Institute of Technology Indore ने प्रस्तुत परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए महत्वपूर्ण तकनीकी सुझाव और मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने इन पहलों की अंतर्विषयक प्रकृति की सराहना करते हुए कहा कि तकनीकी नवाचारों को व्यावहारिक स्वास्थ्य समाधान में परिवर्तित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि IIT इंदौर भविष्य में भी AIIMS रायपुर को आवश्यक तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा।
इस कॉन्क्लेव के दौरान एआई लैब एवं डिप्लॉयमेंट सेंटर का उद्घाटन भी किया गया, जिसे SRIJAN AIIMS Raipur BioInnovation Wing के अंतर्गत DRISHTI CPS Foundation IIT Indore के सहयोग से स्थापित किया गया है। यह पहल स्वास्थ्य क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की संभावनाओं को आगे बढ़ाने और अंतर्विषयक सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

इसके पश्चात ऑडिटोरियम में आयोजित सत्र में संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों तथा DRISHTI CPS पहल के प्रतिनिधियों ने संबोधन दिया। कार्यक्रम में IITI DRISHTI CPS फाउंडेशन पर एक प्रस्तुति भी दी गई, जिसमें समाज के लिए साइबर-फिजिकल सिस्टम्स और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
“AI in Digital Healthcare” विषय पर मुख्य वक्तव्य देते हुए प्रो. सुहास एस. जोशी ने निदान, स्वास्थ्य प्रबंधन, प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स और डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम में एआई आधारित तकनीकों के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रमुख चिकित्सा संस्थानों और तकनीकी संस्थानों के बीच सहयोग स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार को तेज कर सकता है और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को बेहतर बना सकता है।
इस अवसर पर Lt Gen Ashok Jindal (Retd) Executive Director & CEO, AIIMS रायपुर ने इस सहयोग को लेकर आशावाद व्यक्त करते हुए कहा कि AIIMS रायपुर, DRISHTI CPS फाउंडेशन और IIT इंदौर के साथ चिकित्सा प्रौद्योगिकी और डिजिटल स्वास्थ्य नवाचार के क्षेत्रों में मजबूत संस्थागत सहयोग की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की साझेदारियाँ क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वास्थ्य तकनीकों के विकास में सहायक होंगी, जिससे विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के आदिवासी, ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।





