रायपुर (विश्व परिवार)। स्थानीय वृंदावन हॉल में राजस्थान दिवस समारोह उल्हासपूर्वक संपन्न हुआ।
समारोह को संबोधित करते हुए संयोजक कैलाश रारा ने कहा कि राजस्थानी समाज ने देश एवं दुनियां की अर्थव्यवस्था को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुख्य वक्ता गिरीश पंकज ने कहा कि राजस्थान के कण कण में महाराणा प्रताप का शौर्य, मीरां की भक्ति एवं भामाशाह के दान की गाथाएं गुंजती है। जनमन के संपादक डॉ. अनिल द्विवेदी ने राजस्थानी वीरांगनाओं की शौर्य गाथा का विस्तार पूर्वक वर्णन किया। मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य उद्योग विकास निगम के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने प्रवासी राजस्थानी उद्योगपतियों को छत्तीसगढ़ में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया। विशिष्ट अतिथि निशक्तजन वित्त एवं विकास आयोग के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया ने राजस्थानी संस्कृति के सर्वांगीण विकास पर बल दिया। जितो अध्यक्ष तिलोक बरड़िया ने समाज में राजनैतिक चेतना के विकास पर बल दिया। उद्योगपति ललित पटवा ने राजस्थानी समाज को अपने सेवा कार्यों को नए युग की नई चुनौतियों के अनुरूप प्रस्तुत करने का सुझाव दिया। समाजसेवी उषा गंगवाल ने मातृभाषा के संस्कारों को सुदृढ़ करने का आह्वान किया। ज्योतिर्विद डॉ. अजीत शास्त्री ने सामाजिक संगठन की आवश्यकता को प्रमुखता से लेने का सुझाव दिया। जैन श्वेतांबर खरतरगछ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश सुराणा ने कहा कि जब तक हम अपनी जड़ों से जुड़े रहेंगे तब तक हमारा सांस्कृतिक वैभव कायम रहेगा। प्रवक्ता राजकुमार राठी ने प्रदेश में राजस्थान भवन के शीघ्र निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया। सभा को मारवाड़ी सम्मेलन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पुरषोत्तम सिंघानिया ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में कवि राजेश जैन ‘राही’ एवं पूजा अग्रवाल की सुमधुर कविताओं ने समां बांध दिया। इस अवसर पर समाज में विभिन्न सेवा कार्यों के लिए 30 लोगों को सम्मानित किया गया। मंच का सफल संचालन ममता जैन के द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से लाहोटी मित्र मंडल के साथ लक्ष्मी नारायण लाहोटी, शुभांगी आप्टे, प्रजापति समाज की महिला महासभा अध्यक्ष शीला प्रजापति, वनबंधु परिषद की अनीता खंडेलवाल, चरामेती फाउंडेशन के राजेंद्र ओझा, जैन जितेंद्र गोलछा, भरत जैन, लोकेश चंद्रकांत जैन, राजीव जैन, अमर बंसल, पारस पापड़ीवाल, प्रदीप गंगवाल, अरविंद जैन, राजेन्द्र उमाठे, अजय जैन, अरिहंत जैन, श्रीमति रानी जैन, वीर जैन, पवन रारा, महेंद्र सेठी, राजेंद्र स्वस्तिक, कविता शर्मा, अशोक वैश्य एवं ऋषि गुप्ता की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।





