धर्म

वर्धमान महावीर मेडिकल कालेज एवं सफदरजंग अस्पताल में ‘महावीर जयंती समारोह’

  • आध्यात्मिकता तथा चिकित्सा का अद्भुत समागम

नईदिल्ली (विश्व परिवार) : गत दिवस महावीर जयंती समारोह के शुभ अवसर पर वर्धमान महावीर मेडिकल कालेज के सभागार -१ में आध्यात्मिकता तथा चिकित्सा का अद्भुत समागम हुआ । मंच पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे परम पावन आचार्य श्री लोकेश मुनि, अन्य गणमान्य विद्वानों में कालेज की प्राचार्या डाक्टर गीतिका खन्ना, पूर्व विशिष्ट डी जी डाक्टर डी सी जैन , सफदरजंग अस्पताल के वर्तमान निदेशक, डाक्टर संदीप बंसल उपस्थित थे ।
समारोह के प्रारंभ में प्रोफेसर डी सी जैन ने भगवान महावीर के उपदेशों के परिप्रेक्ष्य में वर्तमान स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान पर प्रकाश डाला । प्राचार्या डाक्टर खन्ना ने संस्थान की उपलब्धियां और नई सुविधाओं के जैसे मोलीक्यूलर लैब और नये छात्रावास के विषय में बताया । प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डाक्टर बंसल ने हृदय रोगों से बचने के सरल और कारगर तरीके बताए । शाकाहार के सेवन से कोलेस्ट्रॉल के घटने तथा मांसाहार से से कोलेस्टेरॉल बढ़ने के सच को समझाया ।
डाक्टर बंसल के व्याख्यान के बाद आचार्य श्री के उद्बोधन से पूरा वातावरण आध्यात्मिकता से ओतप्रोत हो गया । उन्होंने विश्वशांति , सद्भाव , सात्विक खानपान और संवाद की आवश्यकता पर बल दिया । उनके अंतिम वाक्यों ने सबका मन मोह लिया – ‘ आओ मिलकर बैठें, बात करें आपस में बात करें । मतभेद होने पर भी मनभेद न हों ‘। उनका संक्षिप्त भाषण गागर में सागर के समान था ।
वार्ताओं की शृंखला में में डायरेक्टर -प्रोफेसर बजाज ने पक्षाघात ( स्ट्रोक ) के कारणों , लक्षण और उपचार का बड़ा रोचक विवरण प्रस्तुत किया । वार्ता के इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुये डां. डी सी जैन ने विश्व स्वास्थ्य दिवस -२०२६ के मूल उद्देश्य पूरे ब्रम्हांड में अच्छी सेहत तथा ‘सर्वे सन्तु निरामया:’ की अत्यंत प्राचीन अवधारणा को बताते हुये अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के ‘लाइफ सिम्पल ८ अति महत्वपूर्ण बातों को बताया । अपने व्याख्यान के समापन संदेश के रूप में यह भी बताया कि अच्छी जीवन शैली एक छाते के समान है जो अधिक धूप और वृष्टि रूपी बीमारियों से हमें बचाती है । खराब जीन्स के कुप्रभाव को कम करती है ।
समारोह के अंत में वर्धमान महावीर मेडिकल कालेज के प्रतिभाशाली छात्रों और नर्सिंग छात्राओं को आचार्य श्री तथा अन्य अतिथियों के द्वारा पदक और प्रमाण पत्रों से सम्मानित किया गया । इस समस्त कार्य का संचालन और समन्वयन प्रोफेसर अभिनव जैन द्वारा बड़े शालीन और और गरिमापूर्ण ढंग से किया गया ।
ऐसे सुरुचिपूर्ण आध्यात्मिक और शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन श्रोताओं और छात्रों के मन में सहज ही सकारात्मक स्पंदन उत्पन्न किया ।

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