कोलकाता (विश्व परिवार)। पश्चिम बंगाल की सियासत में आज बड़ा दिन है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली भाजपा विधायक दल की बैठक में राज्य के नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला होगा। बैठक में चुना गया नेता ही बंगाल का अगला ‘बॉस’ यानी मुख्यमंत्री बनेगा और 9 मई को शपथ लेगा।
आजादी के बाद पहली बार West Bengal में भाजपा सरकार बनने जा रही है। कोलकाता में आयोजित इस अहम बैठक में नवनिर्वाचित 207 विधायकों के साथ चर्चा के बाद विधायक दल के नेता का चयन किया जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद नए मुख्यमंत्री के नाम का आधिकारिक ऐलान किया जाएगा।
CM की रेस में ये बड़े नाम
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में कई दिग्गज नेता शामिल हैं। सबसे आगे सुवेंदु अधिकारी माने जा रहे हैं, जिन्होंने ममता बनर्जी को हराकर अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है। इसके अलावा अग्निमित्रा पॉल, रूपा गांगुली, दिलीप घोष और समिक भट्टाचार्य जैसे नाम भी चर्चा में हैं।
महिला चेहरे के तौर पर अग्निमित्रा पॉल और रूपा गांगुली को भी मजबूत विकल्प माना जा रहा है, वहीं संगठन में पकड़ के चलते दिलीप घोष और समिक भट्टाचार्य भी रेस में बने हुए हैं।
संगठन और RSS फैक्टर भी अहम
मंत्रिमंडल गठन को लेकर भी मंथन जारी है। भाजपा नेतृत्व क्षेत्रीय संतुलन, संगठनात्मक मजबूती और वैचारिक प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट तैयार करना चाहता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ तालमेल और जमीनी पकड़ रखने वाले नेताओं को प्राथमिकता मिल सकती है।
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर भाजपा हाईकमान किसे बंगाल की कमान सौंपता है।







