रायपुर

प्रधानमंत्री देश में अघोषित आपातकाल लागू कर दिए है — धनेंद्र साहू

रायपुर (विश्व परिवार)। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व मंत्री ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि देश आज जिस आर्थिक एवं अंतरराष्ट्रीय संकट की आशंका से गुजर रहा है, उसे लेकर हमारे कांग्रेस राजनीतिज्ञ राहुल गांधी लगातार केंद्र सरकार को आग्रह करते रहे हैं। उन्होंने समय रहते अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, विशेषकर अमेरिका-ईरान तनाव एवं युद्ध जैसे हालातों को देखते हुए पेट्रोल-डीजल, खाद्य सामग्री, उर्वरक एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता तथा कीमतों को नियंत्रित रखने हेतु ठोस एवं प्रभावी तैयारी करने की मांग की थी। लेकिन प्रधान मंत्री जी ने राहुल गांधी जी के चेतावनी के बावजूद भी ध्यान नहीं दिए और इस संकट से बचने के लिए कोई उपाय नहीं किया बल्कि चुनाव में लाभ लेने के लिए प्रचार करते घूमते रहे ।
धनेंद्र साहू ने कहा कि आज स्थिति ऐसी बनती दिखाई दे रही है कि स्वयं प्रधानमंत्री देश की जनता से पेट्रोल-डीजल का उपयोग कम करने, एक वर्ष तक सोना नहीं खरीदने, विदेश यात्राओं से बचने, खाद्य तेल का उपयोग कम करने तथा किसानों से रासायनिक खादों का उपयोग 50 प्रतिशत तक कम करने की अपील कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार ने समय रहते देश की आर्थिक एवं आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए और अब उसकी विफलताओं का बोझ सीधे आम जनता एवं किसानों पर डाला जा रहा है।
साहू जी ने कहा कि देश के *किसान भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। कुछ वर्ष पूर्व जब पूरा विश्व आर्थिक मंदी और संकट के दौर से गुजर रहा था, तब भारत के किसानों ने अपनी मेहनत और उत्पादन क्षमता के बल पर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की थी। ऐसे किसानों से खाद के उपयोग में भारी कटौती की अपील करना सरकार की नीतिगत असफलता को दर्शाता है।
एक ओर प्रधानमंत्री जनता को मितव्ययिता और संसाधनों की बचत का संदेश दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर असम में मुख्यमंत्री पद के शपथ ग्रहण समारोह में देशभर के एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री एवं हजारों पदाधिकारी विशेष विमानों और बड़े-बड़े काफिलों के साथ शामिल हुए। इस आयोजन में भारी मात्रा में ईंधन एवं संसाधनों का उपयोग किया गया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की उपस्थिति में यदि इस प्रकार के भव्य एवं अत्यधिक खर्च वाले आयोजन होते हैं, तो यह स्पष्ट रूप से सरकार की कथनी और करनी के बीच बड़े अंतर को उजागर करता है। जनता से पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील करना और दूसरी ओर सत्ता पक्ष द्वारा बड़े पैमाने पर संसाधनों का दुरुपयोग करना नैतिक रूप से उचित नहीं कहा जा सकता।
धनेंद्र साहू ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियां देश को धीरे-धीरे आर्थिक अस्थिरता और आपातकाल जैसी परिस्थितियों की ओर ले जाने का काम कर रही हैं। महंगाई, बेरोजगारी, आर्थिक दबाव और आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों से देश की आम जनता पहले ही परेशान है। ऐसे समय में सरकार को स्वयं सादगी, पारदर्शिता एवं जवाबदेही का उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए, तभी जनता का विश्वास मजबूत होगा।
अंत में धनेंद्र साहू ने केंद्र सरकार से मांग की कि देश की आर्थिक एवं आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं। आम जनता और किसानों पर अतिरिक्त बोझ डालने के बजाय सरकार स्वयं मितव्ययिता अपनाए तथा देशहित में जिम्मेदार एवं दूरदर्शी निर्णय ले।

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