छत्तीसगढ़रायपुर

भगवान बिरसा मुंडा का बलिदान युवा पीढ़ी के लिए बनेगा प्रेरणा का स्रोत: अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी

  • जनजातीय गरिमा उत्सव में 50 से अधिक जनजातीय प्रतिभाओं का सम्मान
  • स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के वंशजों को भी मिला गौरव

रायपुर (विश्व परिवार)। जनजातीय समाज के महानायक एवं स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानी भगवान बिरसा मुंडा के शहादत दिवस पर मंगलवार को आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (टीआरटीआई) नवा रायपुर में जनजातीय गरिमा उत्सव के तहत भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम, शिक्षा, कला-संस्कृति, साहित्य, लोक परंपरा, जनजातीय शोध, पारंपरिक उपचार पद्धति, खेलकूद और सामाजिक सेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 50 से अधिक जनजातीय प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।
समारोह की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी ने की। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने मात्र 25 वर्ष की आयु में देश और समाज के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान दिया। उनका त्याग, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति भावी पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की गौरवशाली परंपराओं और योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।
भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार आदिम जाति विकास विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार बेसरा तथा संस्थान की संचालक हिना अनिमेष नेताम ने भी भगवान बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष और आदर्शों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में प्रदेश के 14 जिलों से आमंत्रित जनजातीय प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित लोगों में भूमकाल क्रांति के जननायक हरचंद नाईक के वंशज सीताराम एवं तुलसीराम, झंडा सत्याग्रह के जननायक सुकदेव पातर के वंशज राजाराम एवं दालसिंह तथा जंगल सत्याग्रह के जननायक रामाधीन गोंड के वंशज दुधेलाल गोंड एवं पुरुषोत्तम गोंड प्रमुख रहे। सोनाखान क्रांति सहित विभिन्न जनआंदोलनों के अमर सेनानियों के वंशजों को भी इस अवसर पर सम्मानित किया गया।
जनजातीय गरिमा उत्सव में 50 से अधिक जनजातीय प्रतिभाओं का सम्मान
समारोह में ‘शहीद वीर नारायण सिंह स्मृति सम्मान’ तथा ‘डॉ. भंवर सिंह पोर्ते आदिवासी सेवा सम्मान’ से पूर्व वर्षों में सम्मानित प्रतिभाओं को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इनमें शहीद वीर नारायण सिंह स्मृति सम्मान-2025 से सम्मानित हिरेश सिन्हा तथा डॉ. भंवर सिंह पोर्ते आदिवासी सेवा सम्मान-2025 से सम्मानित शेरसिंह आंचला प्रमुख रहे।
इसके अलावा सामाजिक, शैक्षणिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक, खेलकूद एवं जनजातीय शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। प्रयास एवं एकलव्य आवासीय विद्यालयों के कक्षा 10वीं और 12वीं में मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ जेईई मेन एवं नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सफलता हासिल करने वाले प्रतिभाशाली छात्रों को भी सम्मान देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
कार्यक्रम में अपर संचालक जितेन्द्र कुमार गुप्ता, उपायुक्त गायत्री नेताम सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने कहा कि यह पहल जनजातीय प्रतिभाओं के योगदान को व्यापक पहचान दिलाने, समाज में सकारात्मक प्रेरणा का वातावरण बनाने तथा युवाओं को राष्ट्र निर्माण और सामाजिक विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।

जनजातीय गरिमा उत्सव में 50 से अधिक जनजातीय प्रतिभाओं का सम्मान

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