रायपुर (विश्व परिवार)। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), रायपुर शाखा कार्यालय में आज राजभाषा कार्यान्वयन समिति के तत्वावधान में महान कथाकार और ‘उपन्यास सम्राट’ मुंशी प्रेमचंद की 146वीं जयंती के अवसर पर एक विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना और प्रेमचंद के कालजयी साहित्य की प्रासंगिकता पर विचार-विमर्श करना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अनुरिता जोजो, वैज्ञानिक ई/निदेशक एवं प्रमुख के द्वारा कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद को नमन करते हुए किया गया। अपने संबोधन में कहा, “प्रेमचंद का साहित्य समाज का सच्चा दर्पण है। गोदान, गबन, ईदगाह और कफन जैसी उनकी अमर रचनाएँ आज के आधुनिक और प्रशासनिक परिप्रेक्ष्य में भी हमें आम जनमानस के प्रति संवेदनशील और कर्तव्यनिष्ठ होने की प्रेरणा देती हैं।”
कार्यशाला के दौरान कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रेमचंद के उपन्यासों में छिपे सामाजिक संदेशों पर व्याख्यान दिया। साथ ही, कर्मचारियों द्वारा उनकी प्रसिद्ध कहानियों जैसे ईदगाह और कफन के मुख्य अंशों का भावपूर्ण कहानी-वाचन किया गया। इस अवसर पर “प्रेमचंद के उपन्यासों में सामाजिक संदेश” विषय पर एक विचार प्रस्तुति सत्र भी आयोजित की गई।
कार्यक्रम का संचालन रिषभ कुमार, निजी सचिव के द्वारा किया गया तथा कार्यक्रम का समापन राहुल कुमार गुप्ता, वैज्ञानिक सी/उप निदेशक एवं नोडल अधिकारी (हिंदी) के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ किया गया।








