नई दिल्ली (विश्व परिवार)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्लोवाकिया का दो दिवसीय राजकीय दौरा पूरा कर लिया है। यूरोपीय दौरे के अंतिम चरण में वे अब जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए फ्रांस पहुंचेंगे।
पीएम मोदी ने स्लोवाकिया दौरे को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा,
“स्लोवाकिया की ऐतिहासिक और सकारात्मक यात्रा पूरी हो रही है। इस यात्रा के नतीजे हमारे देशों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने में बहुत काम आएंगे। मजबूत व्यापारिक संबंधों से हमारे युवाओं को बहुत फायदा होगा। इस गर्मजोशी के लिए स्लोवाकिया सरकार और लोगों का शुक्रिया।”
दौरा क्यों ऐतिहासिक?
- यह 1993 में स्लोवाकिया के स्वतंत्र होने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा है।
- प्रधानमंत्री मोदी को स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने देश का सबसे उच्चतम नागरिक सम्मान— ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस फर्स्ट क्लास प्रदान किया।
- पीएम मोदी ने यह सम्मान भारत के 1.4 अरब लोगों और दोनों देशों के बीच बढ़ती दोस्ती को समर्पित किया।
प्रमुख उपलब्धियां
- भारत और स्लोवाकिया के बीच रक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण समझौते समेत कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
- दोनों देशों ने व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा और आर्थिक सहयोग को और गहरा करने का फैसला किया।
- विदेश मंत्रालय ने इसे “भारत-स्लोवाकिया संबंधों में व्यापक साझेदारी” की दिशा में बड़ा कदम बताया।
विदेश सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। स्लोवाक प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के निमंत्रण पर यह यात्रा हुई।
पीएम मोदी अब फ्रांस के एवियन में हो रहे जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे, जहां विश्व के प्रमुख नेताओं के साथ बहुपक्षीय चर्चाएं होंगी। यह दौरा भारत की “एक्ट ईस्ट” और यूरोप के साथ रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।







