नई दिल्ली (विश्व परिवार)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को दोपहर इस्तीफा दे दिया है। पिछले एक महीने से दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले छात्र उनके इस्तीफे के मांग पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया है। दूसरी ओर आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल सहित मल्लिकार्जुन खड़गे और विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
आप चीफ अरविंद केजरीवाल ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर लोगों को बधाई दी है। उन्होंने कहा, “ये लोकतंत्र है और सरकार को लोगों की सुननी पड़ेगी। ये लोकतंत्र की बड़ी जीत है।”
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे की आई प्रतिक्रिया
वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की भी प्रतिक्रिया भी आई है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “भारत के ‘छात्रों की गूंज’ आख़िरकार अंहकारी सत्ता की दहलीज़ तक पहुंच गई। ये हमारे करोड़ों युवाओं की जीत है जिन्होंने देशभर में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सड़क पर आवाज़ उठाई। ये सत्य की जीत है और मोदी जी के हठ की हार है।”
भारत के ‘छात्रों की गूँज’ आख़िरकार अंहकारी सत्ता की दहलीज़ तक पहुँच गई।
ये हमारे करोड़ों युवाओं की जीत है जिन्होंने देशभर में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सड़क पर आवाज़ उठाई।
ये सत्य की जीत है और मोदी जी के हठ की हार है।
ये उन सभी परिवारों की जीत हैं जिन्होंने…
— Mallikarjun Kharge (@kharge) July 25, 2026
खड़गे ने कहा, “ये उन सभी परिवारों की जीत हैं जिन्होंने अपने ख़ून, अपने बच्चों को खोया, क्योंकि यह सरकार भ्रष्टाचारी है। ये साझा विपक्ष की जीत है, जिन्होंने छात्रों के हित में संसद से सड़क तक आवाज़ उठाई। अब बारी है मोदी जी को हमारी युवा पीढ़ी से माफ़ी मांगने की और जिन्होंने उनपर लाठी-डंडे-Pellet Guns चलवाई है, उनपर कठोर कार्यवाही करने की।”
राहुल गांधी ने क्या कहा ?
राहुल गांधी ने लिखा, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारी शिक्षा प्रणाली को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है। शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।” उन्होंने कहा कि लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरकर डटकर खड़े होने वाले हर युवा और छात्र को बधाई। राहुल गांधी ने कहा कि अभी दो मांगें बाकी हैं। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य का सम्मान करते हुए माफी मांगें। साथ ही छात्रों पर हुई हिंसा के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
2 मांगें… pic.twitter.com/Uc2cEOCVKA
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 25, 2026
प्रियंका गांधी वाड्रा ने क्या कहा?
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अपनी प्रतिक्रिया में गहरी खुशी जताते हुए कहा, “मैं कई कारणों से बहुत खुश हूं, लेकिन मुख्य कारण यह है कि आज हमारे देश के लोगों ने अपना देश उन लोगों से वापस लेना शुरू कर दिया है, जिन्होंने संविधान को नष्ट करने और जनता की आवाज को दबाने की हर संभव कोशिश की है।”
#WATCH | Wayanad | On the resignation of Union Education Minister Dharmendra Pradhan, Congress MP Priyanka Gandhi Vadra says, "I'm very, very happy for many reasons, but the main reason is that I believe today, is the day the people of our country have started claiming their… pic.twitter.com/AJxYmNJ7mx
— ANI (@ANI) July 25, 2026
सुप्रिया सुले ने क्या कहा?
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सुप्रिया सुले ने कहा, “शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा शांति से प्रदर्शन करने वालों, छात्रों और विपक्ष के लगातार दबाव के बाद आया है। मैं हर उस प्रदर्शनकारी को बधाई देता हूं जो NEET-UG मुद्दे पर डटे रहे, लेकिन यह अंत नहीं हो सकता, हम असली जवाबदेही, बड़े पैमाने पर शिक्षा में सुधार और संसद में NEET मुद्दे पर पूरी चर्चा की मांग करते हैं।”
अखिलेश यादव की आई प्रतिक्रिया
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने कहा, “यह नई पीढ़ी की एक बड़ी जीत है। सरकार को प्राइमरी शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक हर चीज़ के बारे में बहुत गंभीरता से सोचना होगा। परीक्षा के पेपर लीक होने से रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।” अखिलेश यादव ने कहा, “आज के दौर में इंटरनेट और सोशल मीडिया के ज़रिए और सड़कों पर फैला युवाओं का यह आंदोलन आखिरकार दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी को, जिसके अनगिनत सहयोगी हैं, झुकने पर मजबूर कर गया।”
ये इस्तीफ़ा नहीं, इंक़लाब है!
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 25, 2026







