नई दिल्ली (विश्व परिवार)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फ्रांस के एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन से इतर द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी की बढ़ती अहमियत पर जोर दिया। बैठक में व्यापार समझौते, रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, पश्चिम एशिया की स्थिति और वैश्विक समुद्री मार्गों की सुरक्षा समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों और आपसी तालमेल को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता भी जताई।
1. व्यापार समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत
बैठक से सबसे महत्वपूर्ण संकेत भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर मिला। जब राष्ट्रपति ट्रंप से पूछा गया कि दोनों देश व्यापार समझौते के कितने करीब हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, “बहुत करीब।” उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को दुनिया के सबसे कठिन और कुशल वार्ताकारों में से एक बताया।
2. रक्षा सहयोग पर अमेरिका का भरोसा
राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत के साथ रक्षा सहयोग को लेकर मजबूत समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि भारत पर कोई हमला होता है तो अमेरिका उसकी मदद के लिए खड़ा रहेगा। ट्रंप ने कहा, “अगर उन पर हमला होता है, तो हम उनकी मदद के लिए वहां होंगे।”
3. पश्चिम एशिया में ट्रंप की पहल की सराहना
प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए ट्रंप के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति, आपकी कोशिशों की वजह से इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता की नई उम्मीद जगी है।” यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब ट्रंप ईरान और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर नई पहल को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
4. होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने पर सहमति
दोनों नेताओं ने वैश्विक ऊर्जा और व्यापार के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य के महत्व पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वे और ट्रंप इस बात पर सहमत हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत आवश्यक है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस समुद्री मार्ग पर काफी हद तक निर्भर है।
5. भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चिंता
प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक शिपिंग मार्गों पर कार्यरत भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा भारत के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। हालिया घटनाओं में भारतीय नाविकों की मौत पर ट्रंप ने भी दुख व्यक्त किया और उनके प्रति संवेदना जताई।
6. भारत की वैश्विक भूमिका पर ट्रंप का भरोसा
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या भारत पश्चिम एशिया में बड़ी भूमिका निभा सकता है, तो उन्होंने कहा, “भारत हर क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभाता है। जब तक प्रधानमंत्री मोदी नेतृत्व कर रहे हैं, भारत की भूमिका और प्रभाव महत्वपूर्ण रहेगा।”
7. भारत दौरे के दिए संकेत
राष्ट्रपति ट्रंप ने भविष्य में भारत आने की संभावना भी जताई। अपने पिछले भारत दौरे को याद करते हुए उन्होंने कहा, “हम भविष्य में फिर भारत जाएंगे।”
8. भारतीय पेशेवरों की प्रतिभा की सराहना
अमेरिका में भारतीय पेशेवरों की भूमिका पर ट्रंप ने सकारात्मक रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि भारत के साथ रोजगार और प्रतिभा के क्षेत्र में अमेरिका के हमेशा अच्छे संबंध रहे हैं। ट्रंप ने भारतीयों को बेहद प्रतिभाशाली बताया।
9. ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करने पर जोर
ऊर्जा क्षेत्र भी बैठक का एक अहम विषय रहा। अमेरिका से ऊर्जा आयात बढ़ाने की संभावनाओं पर ट्रंप ने कहा कि भारत अमेरिका के साथ ऊर्जा क्षेत्र में व्यापक सहयोग कर सकता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध बेहद मजबूत हैं और उन्हें और आगे बढ़ाया जा सकता है।
रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती
यह 2025 में वाशिंगटन में हुई मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की पहली औपचारिक द्विपक्षीय बैठक थी। दोनों नेताओं ने रक्षा, व्यापार, तकनीक, ऊर्जा और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक को भारत-अमेरिका संबंधों को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण बातचीत के रूप में देखा जा रहा है।







