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IGKV में उद्यानिकी-पुष्पकृषि पर विशेष व्याख्यान, छात्रों को उद्यमिता के नए अवसरों की जानकारी

रायपुर (विश्व परिवार)। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल के दूरदर्शी नेतृत्व एवं मार्गदर्शन तथा कृषि महाविद्यालय, रायपुर की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे की प्रेरणा से कृषि एवं संबद्ध विज्ञानों के क्षेत्र में एक विशिष्ट व्याख्यानमाला (Lecture Series) के अंतर्गत दिनांक 16 जुलाई 2026 को अपराह्न 03:00 बजे महाविद्यालय के सेमिनार हॉल में “उद्यानिकी एवं पुष्पकृषि में उद्यमिता विकास हेतु उभरते रुझान (Emerging Trends in Horticulture–Floriculture for Entrepreneurship Development)” विषय पर एक ज्ञानवर्धक व्याख्यान आयोजित किया गया।
इस अवसर पर प्रो. सुनील कुमार, प्रोफेसर, पुष्पकृषि एवं लैंडस्केपिंग विभाग, कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री (सीएचएफ), पासीघाट, केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (इम्फाल), अरुणाचल प्रदेश ने मुख्य वक्ता के रूप में व्याख्यान प्रस्तुत किया। अपने व्याख्यान में उन्होंने तकनीकी प्रगति, उपभोक्ताओं की बदलती आवश्यकताओं तथा बाजार की बढ़ती मांग के परिप्रेक्ष्य में उद्यानिकी एवं पुष्पकृषि क्षेत्र में उपलब्ध व्यापक उद्यमिता संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
प्रो. कुमार ने कहा कि पुष्पकृषि आज एक “सनराइज़ इंडस्ट्री” के रूप में उभर रही है, जिसमें रोजगार सृजन, मूल्य संवर्धन, निर्यात संवर्धन तथा ग्रामीण युवाओं एवं कृषि उद्यमियों की आय में सतत वृद्धि की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने अपने व्याख्यान में परिशुद्ध (प्रिसिजन) कृषि, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) आधारित ग्रीनहाउस प्रबंधन, हाइड्रोपोनिक्स, एरोपोनिक्स, वर्टिकल फार्मिंग, संरक्षित खेती, शहरी लैंडस्केपिंग, जैव-सुदृढ़ीकरण (बायोफोर्टिफिकेशन), डिजिटल विपणन, ब्रांडिंग, अपशिष्ट से संपदा (Waste-to-Wealth) तकनीक, कटाई उपरांत प्रबंधन तथा उद्यानिकी क्षेत्र में नवाचार आधारित स्टार्टअप अवसरों जैसे अनेक समकालीन एवं भविष्य उन्मुख विषयों पर विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने भारतीय उद्यानिकी को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कौशल आधारित शिक्षा, नवाचार-आधारित उद्यमिता तथा आधुनिक तकनीकों के व्यापक उपयोग पर विशेष बल दिया। साथ ही विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे नवाचार, अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी आधारित उद्यमों के माध्यम से केवल रोजगार प्राप्त करने वाले नहीं, बल्कि रोजगार उपलब्ध कराने वाले उद्यमी बनने का प्रयास करें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. आरती गुहे, अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, रायपुर ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि इस प्रकार के वैज्ञानिक व्याख्यान विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों को कृषि विज्ञान के नवीनतम अनुसंधानों एवं तकनीकी प्रगतियों से अवगत कराने का उत्कृष्ट माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को उद्यानिकी एवं संबद्ध क्षेत्रों में उपलब्ध उद्यमिता के अवसरों का लाभ उठाने तथा सतत कृषि विकास के लिए नवीन तकनीकों को अपनाने हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकों, वैज्ञानिकों, स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों तथा शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। व्याख्यान के पश्चात आयोजित संवादात्मक सत्र में प्रतिभागियों ने उद्यानिकी एवं पुष्पकृषि के उभरते अनुसंधान क्षेत्रों, व्यवसायीकरण की संभावनाओं तथा भविष्य की चुनौतियों एवं अवसरों पर सार्थक चर्चा की।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें विशिष्ट वक्ता के प्रति उनके प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान के लिए आभार व्यक्त किया गया तथा प्रतिभागियों को उद्यानिकी एवं पुष्पकृषि के क्षेत्र में नवाचार एवं उद्यमिता को अपनाने के लिए प्रेरित करने हेतु उनकी सराहना की गई।

 

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