नई दिल्ली (विश्व परिवार)। नीट पेपर लीक (NEET paper leak) पर पीएम मोदी ने बड़ा ऐलान किया है। नीट पेपर लीक मामले की सुनवाई के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का ऐलान किया है। पीएम मोदी के ऐलान पर राहुल गांधी की भी प्रतिक्रिया आ गई है। नीट पेपर लीक के लिए राहुल गांधी ने पूरी तरह प्रधानमंत्री मोदी को जिम्मेदार ठहराया है।
पीएम मोदी ने ट्वीट को टैग करते हुए कांग्रेस सांसद ने लिखा- आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाया है। आपने न सिर्फ हमारी education system पर पूरा कब्ज़ा होने और उसे बर्बाद होने दिया, उसे बढ़ावा भी दिया – और इसके ज़िम्मेदार हर व्यक्ति को संरक्षण दिया।
लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों की तीन मांगों का भी जिक्र किया। राहुल गांधी ने आगे लिखा- छात्रों की मांगें साफ़ हैं: 1. धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाएं। 2. छात्रों से माफ़ी मांगे। 3. छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें।
You are the one who has harmed the future of our youth the most.
You allowed and encouraged the total capture and destruction of our education system – and protected every person responsible for it.
The students’ demands are clear:
1. Sack Dharmendra Pradhan.
2. Apologise to… https://t.co/0MK4wPMNiK— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 23, 2026
वहीं पेपर लीक मामले पर पीएम मोदी के पोस्ट के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने अब पीएम मोदी से इस्तीफा मांगा है। अबतक सिर्फ शिक्षा मंत्री की इस्तीफे की मांग करने वाली सीजेपी ने पहली बार प्रधानमंत्री का इस्तीफा मांगा है। पेपर लीक मामले पर पीएम मोदी के पोस्ट के बाद CJP ने X पर प्रधानमंत्री की फोटो पोस्ट कर लिखा- प्रधानमंत्री जी इस्तीफा दो।
प्रधानमंत्री जी इस्तीफा दो। pic.twitter.com/mXRvCedE39
— Cockroach Janta Party (@CJP_for_India) July 23, 2026
जानें पीएम मोदी ने क्या ऐलान किया
बता दें कि 23 जुलाई की सुबह-सुबह नीट पेपर लीक पर पीएम मोदी ने बड़ा ऐलान करते हुए मामले की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का ऐलान किया।प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।







