धर्म

श्रेष्ठ अभिभावक बन माता-पिता बच्चों को संस्कारित करें

श्रमण धारा प्रवचन माला में मुनि श्री का माता-पिता को मंगल उपदेश।
राघौगढ़ (विश्व परिवार)। इस सदी के महान संत समाधिष्ठ आचार्य विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य बुंदेली महाकवि मुनि श्रमण सागर जी महाराज ने विद्यासागर सभागार राघौगढ़ में विशाल जैन समूह के समक्ष मंगल प्रवचन करते हुए कहा अपने बच्चों को संस्कारित करना माता-पिता का प्रथम कर्तव्य है। मगर वर्तमान में संयुक्त परिवार समाप्त हो गए हैं। माता-पिता को अपने बच्चों को संस्कार देने समय नहीं है। इस कारण नई पीली संस्कारों से विमुख होकर गलत मार्ग पर जा रही है।
मुनिराज ने अच्छे अभिभावक कैसे बने इस विषय पर मंगल उपदेश देते हुए कहा बालक को 1 वर्ष से 5 वर्ष तक लाड़ प्यार दें, 5 वर्ष से 15 वर्ष तक डाट फटकार दें एवं उनकी हर गतिविधि पर नजर रखें। जब बच्चा 15 वर्ष से ऊपर 16 वर्ष का हो जाए तो उससे मित्र वत व्यवहार करना माता-पिता का कर्तव्य है। आपने सुप्रसिद्ध संत विनोबा भावे की जीवनी का उल्लेख करते हुए कहा उन्होंने अपनी जीवनी में लिखा है उनके पिताजी ने उन्हें उपरोक्त अनुसार संस्कार दिए थे। आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने भी अपने सैकड़ो शिष्यों को लाड़ प्यार, डाट फटकार एवं समय-समय पर मार्गदर्शन देकर सुयोग्य शिष्य बनाया है। इसीलिये गुरु को कुंभकार एवं शिष्य को कच्ची मिट्टी का घड़ा कहा गया है। आपने यह भी कहा कि हम छोटे-छोटे बच्चों को उनकी जिद पूरी करने के लिए उनके हाथ में मोबाइल दे देते हैं बचपन से ही उन्हें मोबाइल की गंदी लत लग जाती है, जो उनका जीवन बर्बाद कर देती है। माता-पिता के संस्कारों के अभाव में बच्चे रात को 2 बजे सोते हैं एवं सुबह 10 बजे के बाद सो कर उठते हैं। जबकि रात्रि 9 बजे सो कर सूर्योदय के पूर्व सुबह 5 बजे तक उठकर नित्य कर्म से निवृत्त होकर भगवान के पूजन अभिषेक एवं दर्शन करने मंदिर जाना चाहिए। यह संस्कार आज लगभग समाप्त हो रहे हैं यह गंभीर चिंता का विषय है।
दिगंबर जैन समाज राघौगढ़ के कार्यक्रम संयोजक विकास कुमार जैन ने जानकारी दी है धर्म नगरी राघौगढ़ में विराजमान मुनि श्रमण सागर जी एवं मुनि ओंकार सागर जी महाराज आगामी 28 जुलाई मंगलवार को धार्मिक विधि विधान से चातुर्मास राघौगढ़ में करने का संकल्प लेंगे। 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर्व है एवं इसी शुभ दिन संघस्थ मुनि ओंकार सागर जी महाराज का दीक्षा दिवस है इस शुभ दिन को मुनि संघ के सानिध्य में अनेक कार्यक्रमों के साथ मनाया जाएगा। 30 जुलाई को वीर शासन जयंती का महान पर्व है यह पर भी धर्म नगरी राघोगढ़ में मुनि संघ के पावन सानिध्य में अनेक कार्यक्रमों के साथ मनाया जाएगा।

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts