धर्म

गुरु शिष्य सानिध्य में पुष्पगिरी तीर्थ में बनेगा इतिहास हजारों मिलकर करेंगे उपवास,अब तक 15 करोड़ से अधिक जनमानस जुड़े हर मास एक उपवास अभियान से

  • सुप्रसिद्ध कथा वाचक पूज्य चिन्मययानंद बापू जी व कर्नाटक राज्यपाल श्री थावरचंद गेहलोत शामिल होंगे

औरंगाबाद (विश्व परिवार) अंतर्मना धार्मिक एवं पारमार्थिक न्यास तथा पतंजलि योगपीठ हरिद्वार से संयुक्त तत्वाधान में  तपस्वी सम्राट आचार्य सन्मति सागर व जैनाचार्य पुष्पदंत सागर जी महाराज के आशीर्वाद से दिगम्बर जैन संत अंतर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज द्वारा हर मास, एक उपवास’ हर 7 तारीख को (Fasting once a month, every 7th)… महाभियान का इस माह का आयोजन पुष्पगिरी तीर्थ सोनकच्छ मध्य प्रदेश में प्रातः 10 बजे से आयोजित होगा। जहां आयोजन के मुख्य अतिथि  श्री थावरचंद  गेहलोत महामहिम राज्यपाल कर्नाटक राज्य होंगे व सानिध्य  पूज्य श्री चिन्मययानंद बापू जी सुप्रसिद्ध कथा वाचक का मिलेगा।
विशिष्ट अतिथि पदमश्री कालुराम बामनिया जी रहेंगे। एक ओर योग गुरु बाबा रामदेव जी विश्व को अपने योग ध्यान व्यायाम से मानव समाज को शारीरिक सुख दे रहे वही जैन संत अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागर जी स्वस्थ जीवन निरोगी काया हेतु हर मास एक उपवास का आव्हान कर मानव धर्म को निरोगता प्रदान कर रहे है
अंतर्मना संघ प्रवक्ता रोमिल जैन ने बताया कि हर मास, एक उपवास’ आयोजन में मालवा के कविरत्न श्री शशिकांत यादव सबरस कवि देवास, श्री अमन अक्षर फिल्मी गीतकार इंदौर द्वारा काव्यांजलि का रस प्राप्त होगा। वही स्वागताध्यक विधायक डॉ. राजेश सोनकर सोनकच्छ उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम संयोजक मंडल के रूप में एस. के. तिजारावाला (हरिद्वार) प्रवक्ता स्वामी रामदेव जी महाराज , नीरज जैन पूर्व डिप्टी मेयर अजमेर
बसंत सेठी समाजसेवी अजमेर, प्रो. (डा.) नलिन के. शास्त्री विख्यात शिक्षाविद् एवं लेखक
प्रदीप जैन (तिजारावाले) उद्योगपति एवं भामाशाह, कानपुर,  आकाश जैन सोनकच्छ समन्वयक, अंतर्मना न्यास,  प्रकाश अजमेरा अध्यक्ष  सुभाष जैन सचिव श्री पुष्पदंत सागर दिगंबर जैन श्रमण संस्कृति न्यास सोनकच्छ रहेंगे।

हर मास एक उपवास उद्देश्य :–
पूज्य अंतर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज के 557 दिवस के कठिनतम उपवास साधना से प्रस्फुटित “उपवास का सिद्धिदायक महामंत्र’ देने के लिए “हर मास, एक उपवास – हर 7 तारीख को (Fasting once a month, every 7th)” महाभियान का 8 मास पहले दिल्ली के भारत मंडपम में शुभारंभ हुआ। यह दिव्य संयोग है कि पूज्य योग ऋषि स्वामी रामदेव जी महाराज ने जिस प्रकार योग को ‘हरिद्वार से हर द्वार’ तक पहुंचाया है ठीक उसी प्रकार इस ‘उपवास क्रांति’ को भी वैश्विक पटल पर प्रतिस्थापित करने का संकल्प लिया है। गुरुदेव को आशा ओर पूर्ण विश्वास  है कि एक दिन ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ की भांति ‘अंतर्राष्ट्रीय उपवास दिवस’ भी मनाया जाएगा। इससे विश्व की समस्त समस्याओं जैसे भूख, अभाव, गरीबी, तनाव, हिंसा, वैमनस्य, कटुता, संघर्ष, रोग, असंतुलन एवं असंयम आदि का प्रभावी समाधान मिलेगा। गुरुदेव का आवाहन है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हर देश, हर प्रदेश, हर शहर और गांव-गली तक उपवास क्रांति को पहुंचाने के लिए आप भी सक्रिय रुप से इस महाभियान से जुड़े। गौरतलब है कि अब तक हर मास एक उपवास महाअभियान से 15 करोड़ से अधिक जनमानस जुड़ चुके है।

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