जयपुर (विश्व परिवार)। परम पूज्य गणाचार्य श्री विराग सागर जी के परम तेजस्वी शिष्य श्रमणाचार्यश्री 108 विशाल सागरजी महामुनिराज ससंघ के 33वें वर्षायोग की कलश स्थापना का भव्य आयोजन श्री महावीर जिनालय चित्रकूट कॉलोनी, सांगानेर, जयपुर में भारी धर्म प्रभावना के साथ सम्पन्न हुआ।
संघस्थ प्रवर्तक मुनिश्री विशाल सागरजी महाराज एवं मुनिश्री विपिन सागरजी का अठाई का 9 दिन की व्रत/उपवास साधना के बाद दूसरे दिन 30 जुलाई को चित्रकूट में पारणा सम्पन्न होगा।
विशाल मुनि की विशाल साधना चलती ही रही है। चित्रकूट में भी नन्दीश्वर विधान के अवसर पर लगातार 13 घंटे तक एक ही स्थान पर साधनारत रहे, कठोर कायोत्सर्ग तप की साधना की।
27 वर्षों के साधनाकाल में भक्तामर, शीलधारण आदि विभिन्न प्रकार के 5353 व्रत/उपवास की अब तक साधना कर चुके हैं।
अनेक स्थानों पर 36 घंटे, 72 घंटे, 116 घंटे, 157 घंटे की लगातार कठोर कायोत्सर्ग एवं ऋजुकरण अवस्था में साधना कर चुके हैं।
गुरुवर की छत्रछाया में विगत 22 वर्षों से साधनारत हैं।







