रायपुर (विश्व परिवार)। नवरंग काव्य मंच, रायपुर द्वारा दिनांक 26 जुलाई वृंदावन सभागार रायपुर में भव्य काव्य संध्या का आयोजन किया गया। कवि राजेश जैन राही ने अपनी एकल काव्य प्रस्तुति *राहगीरी* से सबका मन मोह लिया। उन्होंने *जीवन का सफ़र, कविताओं के साथ* बहुत ही दिलकश अंदाज में प्रस्तुत किया। जन्म देने वाले माता-पिता से प्रारंभ यह सफ़र बचपन के दोस्तों, प्रेम प्रेयसी गृहस्थ जीवन से होता हुआ बांके बिहारी श्री कृष्ण तक पहुंचता है।
इस प्रस्तुति में गीत, दोहा, मुक्तक हास्य कविता, ग़ज़ल, भक्ति गीत सभी का समावेश था।
माँ बसे चरणों में तेरे मेरे चारों धाम हैं,
बेर शबरी के यहीं पर और मिलते राम हैं।
तुम्हारी गली में तुम्हारे सहारे, नज़र तो मिलाओ यशोदा दुलारे।
छत्तीसगढ़ राजगीत का सुरमयी गायन युवा गायिका प्रज्ञा परगनिहा ने एवं मंच संचालन युवा कवयित्री प्रियंका उपाध्याय ने किया। वरिष्ठ साहित्यकार गिरीश पंकज मुख्यअतिथि थे एवं प्रख्यात साहित्यकार डॉ माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ ने अध्यक्षता की। गिरीश पंकज ने युवा पीढ़ी से सार्थक कविता लिखने का आह्वान किया। राही की एकल प्रस्तुति की उन्होंने भूरि -भूरि सराहना की। डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ ने बहुत ही रोचक अंदाज़ में कविकर्म और प्रेम की सार्थकता का वर्णन किया। इंद्रनाथ सिंह सेवानिवृत्त आईएफएस, एस. राय गुरु, राजकुमार मसंद एवं श्रीमती शशि दुबे अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे।
शहर की चार सामाजिक संस्थाओं वीर भोग्या वसुंधरा सेवा संस्थान, शकुंतला फाउंडेशन , भारत स्वाभिमान ट्रस्ट एवं हमर चिन्हारी साहित्य समिति को नवरंग समाज रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। डॉ. एस रायगुरु को नवरंग साहित्य रत्न सम्मान एवं प्रियंका गुप्ता को नवरंग समाज रत्न सम्मान प्रदान किया गया।
आमंत्रित रचनाकारों में शकुन्तला तरार, शशि दूबे, डॉ एस राएगुरु, डॉ. मृणालिका ओझा, सुषमा पटेल, मयूराक्षी मिश्रा,डॉ सुरेश तिवारी, राजकुमार मसंद, कोमल राठौर, राकेश अग्रवाल, कुहुक अग्रवाल, भागीरथ वर्मा, राजेंद्र ओझा, छबिलाल सोनी,गोपाल सोलंकी, कैलाश रारा, योगेश शर्मा, शिव गुप्ता ,मन्नूलाल यदु, आरव शुक्ला, ईशान विधुत, रवि शर्मा, यशवंत यदु, महेंद्र बेजुबा,शालू सूर्या, भव्या सूर्या, विवेक भट्ट,अनिल राय भारत ने अपने काव्य पाठ से समां बाँध दिया। सभी काव्य रसिक अंतिम समय तक कार्यक्रम में उपस्थित रहे। अंत में उदयभान सिंह चौहान ने अतिथियों, रचनाकारों एवं श्रोताओं के प्रति आभार व्यस्त किया।







